सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

बीते 37 दिन से सतना के उचेहरा तहसील अंतर्गत अतरवेदिया गांव में एक दर्जन गांवों के किसान अपनी जमीनों का मुआवजा देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। अपनी मांगों के लिए अनशन कर रहे किसानों का जब सब्र जवाब दे गया तो 11 किसान बिजली लाइन के हाईटेंशन टावर पर चढ़ गए जो कि पांच दिनों से टावर पर ही तंबू और खाट लगाकर जमे हुए हैं। तहसीलदार से लेकर अपर कलेक्टर और थाना प्रभारी से लेकर एएसपी तक पहुंच गए और किसानों को मनाया लेकिन किसान टस के मस नहीं हुए। इन किसानों के हौसले को सोमवार शाम 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आई तेज आंधी भी नहीं हटा सकी। तंबू उड़ गया लेकिन किसान टावर पर रात भर चढ़े रहे। आधी रात को भी अधिकारियों ने एनाउंस कर उन्हें जेल भेजने तक की धमकी दी और नीचे उतरने कहा लेकिन अपनी जान देने तैयार किसान टावर पर ही चढ़े रहे और जब तक मुआवजा देने पर ही उतरने का जवाब देते रहे। प्रशासन भी थक गया और वापस लौट गया लेकिन मंगलवार को पांचवें दिन भी किसान चढ़े रहे। टावर पर चढ़े किसानों में ऐसे किसान भी है जिनका टावर लाइन के कारण पूरा जीवन खराब हो गया है।

क्या है किसानों की मांग : दरअसल जिले के किसानों के खेत से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन की लाइन गई हुई है और खेत में ही टावर भी खड़ा है। 2015 में इस टावर को लगाया गया था लेकिन सात बाद भी मुआवजा नहीं मिला पाया है, जबकि किसानों के पास तत्कालीन सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा पारित किए गए 12 लाख रुपये प्रति टावर और 3 हजार रुपये प्रति मीटर तार बिछाने का मुआवजा दिलाए जाने का आदेश है। किसानों का कहना है कि इसके बाद भी उनके खाते में पैसा नहीं आया है। तब से लेकर अब तक किसान सात बार टावर पर चढ़े चुके हैं और इस बार खाट बिछा कर वहीं बैठ गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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