चित्रकूट(सतना)। नईदुनिया प्रतिनिधि

सतना जिले के चित्रकूट स्थित तुलसी शोध संस्थान में दो दिवसीय तुलसी जयंती समारोह का रंगारंग समापन हुआ। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की जनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी के अंतर्गत संचालित तुलसी शोध संस्थान, चित्रकूट में तुलसी जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली श्रृंखला के अंतर्गत तुलसी जयंती समारोह का आयोजन 4 एवं 5 अगस्त को संध्या 5ः30 बजे से आयोजन किया गया जिसका समापन शुक्रवार रात्रि हुआ। गतिविधि तुलसी भवन, तुलसी शोध संस्थान, नयागांव, चित्रकूट के वातानुकूलित सभागार में आयोजित ''भक्ति की बहुआयामी दृष्टियां'' के मुख्य विचार के अंतर्गत इस विशेष अवसर पर तुलसी के राम विषय पर केंद्रित व्याख्यान की प्रस्तुति वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापक हिंदी विभाग डा. सूर्य प्रसाद दीक्षित के साथ प्रोफेसर पवन अग्रवाल, लखनऊ का सारगर्भित व्याख्यान आयोजित हुआ। डा दीक्षित ने तुलसी के राम को व्याख्यायित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि तुलसी के राम हमें तीन प्रभागों में विभक्त होते हुए दिखाई देते हैं। प्रथम जनतारक, द्वितीय सुख और दुख से परे और तीसरे स्वरूप में मर्यादा पुरुषोत्तम। अपने राज्याभिषेक के लिए मंगल प्रस्थान करते समय उन्हें मार्ग में ही वनवास की सूचना प्राप्त होने पर वह सहज भाव व्यक्त करते हैं, जैसे कुछ खोने का न कोई दुख है और ना ही दुखों के प्रतीक वनवास से कोई विचलन। डा पवन अग्रवाल ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वे जन के साथ साथ मुख्य रूप से जनजातीय समुदाय को अधिक करीब से देखने और उनके उद्धार हेतु सदैव तत्पर प्रतीत होते हैं। भक्ति गायन संध्या के रूप में मराठी में रचित गीत-रामायण की हिंदी संगीतमय प्रस्तुति ख्यात गायक अमृता-अभय माणके इंदौर द्वारा संपन्ना हुई।

गीतों की लोक शैली की हुई प्रस्तुति : गतिविधि के दूसरे दिन वरिष्ठ साहित्यकार एवं कथाकार कैलाश मंडलेकर और गोविंद गुंजन खंडवा का व्याख्यान प्रस्तुत हुआ। मंडलेकर ने अपनी बात रखते हुए उनकी विशिष्ट व्यंग्य शैली पर आधारित वक्तव्य दिया, जिसमें राम और तुलसी की विस्तृत व्याख्या की गई। द्वितीय वक्ता श्री गुंजन ने रामकथा के वैविध्य पर विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया। उपम पटेल एवं समूह, सीधी द्वारा बघेली में राम के गीतों की लोक शैली में प्रस्तुति हुई इसमें उन्होंने रामचरित के विभिन्ना प्रसंगों पर तैयार किए गए लोक गीतों को अपनी शैली में प्रस्तुत किया। जिसे सभी ने बहुत सराहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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