सतना। नईदुनिया प्रतिनिधि

कार्तिक मास की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला डाला छठ का तीन दिवसीय महापर्व शुक्रवार की शाम डूबते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने इसे उत्साह के साथ मनाया। डाला छठ महापर्व मनाने के लिए नगर के संतोषी माता तालाब में प्रशासन ने व्यवस्थाएं की थीं। यहां सैकड़ों महिलाएं और पुरुष पहुंचे और शाम को पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। डाला छठ पर्व पति, पुत्र एवं परिवार की सुख समृद्धि सहित कई मनोकामनाओं को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। व्रतधारियों द्वारा 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर छठ माता एवं भगवान सूर्य देवता की उपासना की गई। डाला छठ के महापर्व को लेकर संतोषी माता मंदिर में शुक्रवार शाम अच्छी खासी चहल-पहल देखी गई। जहां लोगों ने तालाब घाट पर पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

संतान की मंगल कामना

यह पर्व संतान की मंगल कामना से जुड़ा होता है, इस वजह से यह सूर्य से भी संबंधित होता है। सूर्य काल पुरुष के पंचम भाव के स्वामी हैं। पंचम भाव संतान, विद्या, बुद्धि आदि भावों का कारक माना जाता है। इस कारण इस दिन सूर्य की पूजा करके संतान की प्राप्ति व संतान से संबंधित याचनाओं की पूर्ति के लिए सूर्य की आराधना की जाती है। इसमें समस्त ऋ तु फल अर्पित किए जाते हैं और संकल्प के साथ सूर्य का अर्ध्य दिया जाता है।

उमड़ा जन सैलाब

पूजा को लेकर बाजार में फलों से लेकर पूजा के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले सामानों की दुकानें सड़क किनारे तक लगी रहीं। डाला छठ भगवान भास्कर की आराधना का पर्व है। मन में तेजस्वी पुत्र, स्वस्थ व सुंदर काया की चाहत के साथ तन पर पीला वस्त्र और हाथों में फलों से कलसुप लिए कमर भर पानी में खड़े नर-नारी यह श्रद्धामयी दृश्य नदी व जलाशयों के तटों पर केवल कार्तिक षष्ठी और सप्तमी को ही देखने को मिलता है। श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्ध्य देते हैं, वहीं महिलाएं तेजस्वी पुत्र और सुंदर काया के लिए व्रत धारण करती हैं। पुरुष आरोग्यता और समृद्धि के लिए व्रत रखते हैं। व्रत धारियों द्वारा भगवान सूर्य को प्रसाद के साथ गाय के दूध से अर्ध्य प्रदान किया गया। इसके बाद छठ पर्व पर एक तरफ छठी मईया का गीत गाया गया तो दूसरी ओर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया गया।

प्रशासनिक अमले ने लिया जायजा

स्थानीय स्तर पर छठ पूजा को लेकर बिरला रोड स्थित संतोषी माता मंदिर तालाब घाट को सुव्यवस्थित सजाया गया और चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर लगने वाले मेला की व्यवस्थाओं का जायजा लेने कलेक्टर अजय कटेसरिया, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, निगमायुक्त अमनवीर सिंह व एसडीएम पीएस त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने तालाब पहुंचकर जायजा लिआ। अधिकारियों ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों से चर्चा की और सभी को कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए त्योहार मनाने के निर्देश दिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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