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घटिया निर्माण से पहली बारिश में ही धंस गईं लाखों रुपए की सड़क

- मार्च में ग्राम भटोनी में एनएच 86 से भटोनी तक बनी 1.72 कि मी की सड़क अगस्त में हुई खराब

- 25 गांव के लोग परेशान, सात किमी का चक्कर लगाकर पहुंच रहे गंतव्य तक

फोटो 06 सीहोर। इस तरह पहली बारिश में धंस गई भटोनी सड़क।

सीहोर। नवदुनिया प्रतिनिधि

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत एनएच 86 से भटोनी तक 1.72 कि मी सड़क का मार्च 2019 में निर्माण कि या गया, लेकि न 57 लाख से अधिक की राशि से बनी यह सड़क पहली ही बारिश में धंस गई। स्थिति ये है कि अब इस सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। खास बात यह है कि सड़क के निर्माण के समय घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। साथ ही धंसने के बाद शिकायत भी दर्ज कराई और जिम्मेदारों ने निरीक्षण भी कि या, लेकि न अभी तक मार्ग की मरम्मत नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में हादसे का डर सता रहा है।

मप्र ग्रामीण संपर्कता योजना के तहत एनएच 86 से भटोनी तक सड़क का निर्माण कि या था। यह सड़क 1.72 कि मी बनाई गई थी, जिसकी लागत 57 लाख 15 हजार है। यह सड़क में मधुर ट्रेडर्स इंदौर नाका सीहोर ने 18 दिसंबर 2018 को बनाई थी। जबकि भटोनी के पृथ्वी सिंह, शिवचरण पटेल, नारायण सिंह का कहना है कि इस सड़क का निर्माण मार्च 2019 में कि या गया था। इसमें गुणवत्ता व स्टीमेट का ध्यान नहीं रखा गया, जिसको लेकर आपत्ति भी जताई थी। लेकि न विभाग व ठेके दार ने एक नहीं सुनी।

यही कारण है कि यह सड़क पहली ही बारिश में अगस्त में मोड़ पर दोनों तरफ से धंसक गई, जिसको लेकर अधिकारियों ने निरीक्षण भी कि या और कलेक्टर से घटिया निर्माण की शिकायत व मार्ग की मरम्मत करने की गुहार लगाई, लेकि न अभी तक नहीं सुधारा गया है। मार्ग के खराब होने से बड़े वाहन चालकों के साथ 25 गांव के लोगों को 5 से 7 कि मी का चक्कर लगाकर सफर तय करना पड़ रहा है।

इन सड़कों के निर्माण में भी ठेके दार ने की मनमानी

-हनुमान फाटक से ईदगाह के बीच करीब 5 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कि या जा रहा है। ठेके दार की हीलाहवाली और कछुआ चाल से समय सीमा निकलने के बाद भी पुल निर्माण नहीं हो पाया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा, वहीं जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

- सोया चौपाल से हाउसिंग बोर्ड तक तीन ब्रिज बनाए जा रहे हैं, जो तीन करोड़ रुपए की लागत से बन रहे हैं। लेकि न समय-सीमा निकलने के एक साल बाद भी पुल निर्माण नहीं हो सके हैं। इससे बड़ी संख्या में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह पुराना इंदौर-भोपाल हाईवे होने के कारण वाहनों का दबाव अधिक रहता है।

- बिलकि सगंज-भदभदा मार्ग 24 कि मी का करीब 12 करोड़ रुपए से बनाया गया था, जिसमें ठेके दार के घटिया निर्माण की शिकायत पर पीएस प्रमोद अग्रवाल ने जांच करते हुए आपत्ति जताते हुए नाराजगी जताई थी, जिसको लेकर ठेके दार ने रातोंरात नई सड़कों पर पेंचवर्क कर सुधार दिया जो अभी भी लोगों को मुसीबत का कारण बनी हुई है।

- सीहोर-श्यामपुर मार्ग करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया, जो बनने के पहले ही टूटना शुरू हो गया था। इसे बनने के दौरान ही पैंचवर्क कर ढका गया था। इतना ही नहीं शहर के अंदर इसका सीसी से टुकड़ा बनाया गया था, जिसमें दरारे आने के कारण सीसी के ऊपर से डामर कर उसे ढक दिया गया। इसके बाद भी घटिया निर्माण को लेकर जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे।

-हीरापुर-कु लास सड़क का निर्माण भी अधूरा पड़ा हुआ है। यहां पर जगह-जगह गिट्टी फै ली हुई है, लेकि न समय सीमा निकलने के बाद भी इसे ठीक नहीं कि या जा रहा है।

बारिश में बही अधिकतर सड़क गारंटी में

इस बार बारिश में करीब 150 करोड़ की सौ से अधिक सड़कें उखड़ गईं हैं। इसमें 80 प्रतिशत सड़क गारंटी में हैं, जो ठेके दार रिपेयर करेगा। इसमें भटोनी मार्ग भी शामिल है। हालांकि जो सड़कें गारंटी में नहीं हैं या ज्यादा खराब हो गई हैं, उनकी मरम्मत के लिए राज्य सरकार से पांच करोड़ रुपए की मांग की गई है।

अजय गुप्ता, कलेक्टर, सीहोर

Posted By: Nai Dunia News Network