सीहोर। शहर के कस्बा क्षेत्र स्थित पेशवा कालीन काशी विश्वनाम मंदिर के ठीक सामने भगवान शिव की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इतनी ऊंची शहर की यह पहली प्रतिमा होगी। वहीं प्रदेश में भी इस तरह की कम ही प्रतिमाएं हैं। जिसके चारों तरफ पानी और रंग-बिरंगे फव्वारे होंगे। साथ ही इस प्रतिमा का निरंतर जलाभिषेक होगा। साथ ही इस प्रतिमा को मंदिर के सामने स्थित कुएं पर विराजमान किया जाएगा और कुएं के पानी से ही इसका जलाभिषेक होगा। जो प्रतिमा स्थापित की जानी वह सीहोर पहुंच चुकी है। जिसे रंग रोगन कर स्थापित किया जा रहा है। फिलहाल इस विशाल प्रतिमा को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। शिव प्रतिमा को कुएं पर एक ठिया बनाकर उस पर स्थापित किया जाएगा। जिस पर एक पानी की मोटर के जरिए पाइप से निरंतर अभिषेक होगा। इसके साथ ही यहां आकर्षक लाइट लगाई जाएगी जिससे के रात के समय भी प्रतिमा सुंदर लगे। प्रतिमा पर जब रंगबिरंगी लाइट पड़ेगी तो यह ज्यादा आकर्षक लगेगी।

गोपाल के गांव गोकुल में थी 9 लाख गाय, अब गाय को बचाना भी हो रहा है मुश्किल

हनुमान फाटक मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दौरान शनिवार को भागवत भूषण पंडित रविशंकर तिवारी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद बाल लीलाएं प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भारत के गांव गंगा और गाय संकट में है। गांवों में विदेशी संस्कृति पहुंच रही हैं। ग्रामवासी प्रभावित हो रहे है गंगा को प्रदुषण से मुक्त कराने के लिए करोड़ रुपये खर्च हो रहे है, लेकिन गंगा में शव बहा दिए जाते है। गोपाल के गांव गोकुल में ही नौ लाख गाय थी घी दूध माखन से ही ग्रामवासियों का पालन हो जाता था। अब तो गाय को जीवित बचाना भी मुश्किल हो गया है। कत्लखानों में गाय को काटा जा रहा है भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के देश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद नामकरण के लिए गर्ग आचार्य पहुंचे थे। भगवान के अनेक उन्होंने यशोदा को बताए थे गर्ग आचार्य ने कहा कि यह बालक साधारण बालक नहीं है जो भी यह लीला करेंगे। वहीं इनके नाम हो जाएंगे। पंडित तिवारी ने कहा की विदेशी लोगों की तरह आजकल अपने देश में भी होटलों ढाबों पर जन्म दिवस मनाए जा रहे हैं। जिस बालक बालिकाओं में कुसंस्कार उत्पन्ना हो रहे है जन्म दिवस सहित अन्य मंगल कार्य सिद्ध स्थान पर ही मनाने करने का विधान शास्त्रों में बताया गया है। हनुमान फाटक पर बीते अनेक सालों से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह स्थान भी सिद्ध हो गया है। यह का प्रताप भी दिखाई पड़ता है। इसी प्रकार अन्य धार्मिक स्थल भी सिद्ध होते हैं। जहां से बालक बालिकाएं ईश्वरिय उर्जा प्राप्त करते है। पंडित श्री तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भक्तों को अपनी ओर खींचते हैं। इसलिए कृष्ण कहलाते हैं पंडित श्री तिवारी ने अनेक कथा प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भागवत जी की शक्ति से अवगत कराया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण भजनों पर श्रद्धालु थिरकते रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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