फोटो 03 रेहटी। हाईमास्ट खराब होने से अंधेरे में मंडी प्रांगण। नवदुनिया

रेहटी। नवदुनिया न्यूज

कृषि उपज मंडी रेहटी में इन दिनों बदहाली का आलम छाया हुआ है। कृषि उपज मंडी में करोड़ों के विकास हुए हैं। यहां बनने वाला 50 लाख का सेट बनने के पहले ही हवा आंधी से धाराशायी हो गया था। यहां लगाई गई 29 लाख रुपए की लागत से 3 हाईमास्ट इन दिनो में बेकार साबित हो रही है। मंडी प्रबंधन की माने तो यह हाईमास्ट चालू हैं, लेकि न मंडी में कई महिनों से अंधेरा छाया हुआ है। इसमें लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी पूरा मंडी प्रांगण अंधेरे में डूबा रहता है। अब कृषि उपज मंडी हाईमास्ट की वायरिंग में करंट उतरने का बहाना बना रही है, जो उनकी लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। छुटपुट लाइट व्यवस्था के नाम करीब 50 हजार रुपए खर्च किए हैं। मंडी प्रांगण में कु छ जगह छोटे बेपर लैंप लगा दिए गए हैं।

कृषि उपज मंडी में लगे तीनों हाईमास्ट कई माह से बंद होने से व्यापारियों को कि सानों का माल अंधेरे में तौलना पड़ रहा है। पूरा मंडी प्रांगण अंधेरे में डूबा रहने से कि सानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कि सान संजय पटेल, जगदीश चौहान ने बताया कि बीते दिन मंडी में हमारी उपज तुलाई के लिए ले गए थे। जहां रात होने तक तुलाई हो रही थी, तो पूरे मंडी में अंधेरा छाया हुआ था। जहां हम कि सानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

एक लाख रुपए खर्च करने की बात

कृषि उपज मंडी रेहटी के सचिव शर्मिला नीनामा ने बताया कि जहां से पेयजल की लाइन बिछी हुई है, वहीं से हाईमास्ट के बायर भी बिछाए गए हैं। बाइरिंग कटी होने के कारण करंट फै लने का बरसात में डर बना रहता है। यदि इसको पूरी तरह से ठीक कि या जाए तो इसमें एक लाख रुपए का खर्च आएगा। बरसात तक हाईमास्ट चालू होना संभव नहीं है।

000000000

दूसरे दिन भी चलता रहा विसर्जन का दौर

फोटो 04 रेहटी। गणपति बप्पा को ढोल ढमाकों के बीच विसर्जन के लिए ले जाते हुए। नवदुनिया

रेहटी। गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों के साथ विसर्जन का दौर शुक्रवार को भी चलता रहा। जहां गणपति बप्पा मोरिया अगले वरस तू जल्दी आ के बीच अपने-अपने मंडलों द्वारा ढोल ढमाकों के बीच और नृत्य करके बप्पा की विदाई कर रहे थे। विसर्जन का दौर गुरुवार को भी चला, लेकि न शुक्रवार को भी पूरे दिन विसर्जन का दौर चलता रहा। जहां विसर्जन के लिए नर्मदा तट आंवलीघाट, भब्बड़ नदी, इटारसी डेम सहित कई स्थानों पर विसर्जन का काम चलता रहा।

00000000

बुदनी-सलकनपुर रोड पर गड्ढे, रोज हो रहे हादसे

फोटो 05 रेहटी। मालीबायां तिराहे की रोड पूरी तरह हो क्षतिग्रस्त गई है। नवदुनिया

रेहटी। बुदनी से सलकनपुर तक बने रोड पर गहरे गड्ढे होने से आए दिन दुर्घटनाएं होने के बाद भी शासन-प्रशासन ने अभी तक इसकी सुध नहीं ली है। रोज-रोज हो रही दुर्घटनाओं के लिए आखिर जिमेदार कौन है। यह अधिकारियों को भी नहीं दिख रहा है। एमपीआरडीसी द्वारा बनाई गई सड़क के नाम पर टोल टैक्स भी लिया जाता है, लेकि न इन दिनों मालीबायां तिराहे के बुरे हाल हैं। मालीबायां तिराहा पूरी तरह से जर्जर होने के बाद वहां दो-दो फीट के गड्डे हो गए हैं। यहां प्रतिदिन 10 दुर्घटनाएं रोज हो रही हैं।

एमपीआरडीसी को नगर परिषद रेहटी द्वारा अवगत कराने के बाद भी विशेषकर जहां मालीबायां तिराहे पर बाइक, वाहन, पलट रहे हैं, उसमें महिला बच्चे भी घायल हो रहे हैं। अभी हाल ही में यहां के ले से भरा एक पिकअप भी पलट गया था और मालीबायां तिराहे पर बने गड्डों में पानी भरा रहने से वाहन पूरी तरह से झुक जाते हैं और पलटने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। प्रशासन की अनदेखी बना यह चौराहा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है। वह दिन दूर नहीं जब यहां बड़ी दुर्घटना होकर लोग अपनी जान दे सकते हैं। इसके लिए जिमेदार कौन होगा। इसका जबाव अधिकारियों के पास भी नहीं है। एमपीआरडीसी के अधिकारी लगातार फोन लगाने के बाद भी फोन उठाने को तैयार नहीं है।

चार माह में 1200 दुर्घटनाएं

वैसे तो मालीबायां तिराहे पर प्रतिदिन 15 से 20 दुर्घटनाएं रोज होती हैं। मालीबायां तिराहे के गड्डे जो खाई बनी हुई है। उसको समय रहते दुरुस्त करना जरुरी हो गया है। वहीं जो रोड के कि नारे जो नालियां बनी हुई हैं। उनको पक्का बनाकर वहां से पानी निकासी करना अति आवश्यक हो गया है।

गड्ढों में गिर रहे बाइक सवार

चौहान रेस्टोरेंट के प्रोपराईटर लाड़सिंह चौहान, मयंक रेस्टोरेंट के महेश मालवीय, यूनूस खां ने बताया कि हर आधे घंटे में एक बाइक सवार इन गड्डों में गिरता है। गड्डों में पानी भरा रहने और रोड कट जाने से वाहन सवारों को अनुमान नहीं रहता है और सीधे वाहन डालने से वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। हम सब दुकानदार दौड़कर लोगों को उठाकर उन्हें बचाते हैं। यह 4 माह से चल रहा है। ऐसा भी नहीं है कि यहां से सारे अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकि न इसको दुरुस्त करना कि सी ने उचित नहीं समझा है।

नप ने एमपीआरडीसी को पत्र लिखा

नगर रेहटी से मात्र डेढ़ कि मी दूर मालीबायां तिराहा है, जहां नगर परिषद की सीमा में नहीं आने के कारण यहां के सीएमओ शैलेंद्र सिन्हा ने एमपीआरडीसी को पत्र लिखा है, लेकि न कि सी अधिकारी ने यहां आकर सुध भी नहीं ली है, जिसमें एमपीआरडीसी की घोर लापरवाही उजागर हो रही है।

मिलकार कराएंगे ठीक

रेहटी में आए तहसीलदार डॉ अमित सिंह से चर्चा करने पर उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए बताया कि एमपीआरडीसी को पत्र लिखा जाएगा। उसके बाद भी यदि वह मरमत नहीं करते हैं तो सब मिलकर जन सहयोग से मालीबायां तिराहे को ठीक कराएंगे, जिससे रोज रोज हो रही दुर्घटनाओं पर विराम लग सके ।

0000