आष्टा। मकर संक्रांति का पर्व 14-15 जनवरी को है। इस पर्व पर पंतग उत्सव की तैयारियां की गई है, लेकिन आपको यदि पतंगों का पेंच लड़ाने का शौक है, तो जरा संभल जाइए। बिजली के तारों के आसपास पतंगों से पेंच लड़ाने का शौक जिंदगी की डोर काट सकता है। यह पतंग उड़ाने की डोर नायलॉन की है, तो यह सबसे ज्यादा खतरनाक है। मकर सक्रांति पर्व पर पतंग काफी लोग उड़ाते हैं, इसलिए पतंग की दुकान पर काफी भीड़ भाड़ भी नजर आई। परिंदों की उड़ान के समय न उड़ाएं पतंग। क्योंकि शासन ने इनकी उड़ान के समय पतंग ना उड़ाने अर्थात रोक लगाई है ,जिसके लिए समय भी निर्धारित किया गया है।

असल में नायलॉन मांझे के ऊपर मेटेलिक पाउडर और लोहे के महीन चूरे की कोटिंग होती है। बिजली के तारों में यह उलझा तो करंट इस डोर में प्रवाहित होगा जो पतंग उड़ाने वाले तक पहुंच सकता है। इस संबंध में विद्युत मंडल के उप महाप्रबंधक इंद्रपाल नर्गेस ने गाइड लाइन जारी कर लोगों को संक्राति से पहले चेताया है। विज्ञप्ति के माध्यम से लोगों को बिजली के तारों से अलग मैदान में पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। श्री नर्गेस ने बताया कि विभाग की ओर से पतंग उड़ाने वालों को सचेत किया गया है। डोर गीली होने की बात तो छोड़िए यदि मौसम में आर्द्रता या नमी भी है तो भी खतरा रहता है। ऐसे में डोर उलझी तो करंट उसमें फैल जाएगा और पतंग उड़ाने वाले की जान भी जा सकती है। इस मामले में बिजली कंपनी के एक्सपर्ट ने बताया कि मांझे में बिजली का प्रवाह बड़ी आसानी से हो जाता है।

परिंदों की उड़ान के समय न उड़ाएं पतंग

सुबह 6 से 8 व शाम 5 से 7 बजे के बीच शासन ने पतंग उड़ाने पर रोक लगाई है। यह दोनों समय परिंदों के उड़ान का होता है। मांझे में उलझने से परिंदों की जान भी जा सकती है। नायलॉन वाले मांझे को चाइनीज मांझा भी कहते हैं। वैसे तो शासन द्वारा यह प्रतिबंधित है लेकिन मार्केट में आसानी से मिल जाता है।

बाक्सः रंग-बिरंगा होगा आसमां... पतंगें देगी कोरोना से बचाव का संदेश

आष्टा। मकर संक्रांति पर्व पर नीला आसमान रंग बिरंगी पतंगों से पटा हुआ नजर आएगा। यह रंग बिरंगी पतंग इस बार कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ-साथ वैक्सीन लगवाने का संदेश भी देगी। बाजार में इस बार पतंगों पर गो कोरोना, गो कोशिश, टीका जरुर लगवाएं, दो गज की दूरी मास्क है जरुरी जैसे संदेश देती पतंगों के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नरेंद्र मोदी संदेश देते हुए आई है। नगर में पतंग बाजी के साथ-साथ दूसरी तरफ गिल्ली डंडा की दुकानें भी सजी हुई है। क्योंकि इस पर्व पर पतंग बाजी के साथ-साथ गिल्ली डंडा भी खेला जाता है।मकर संक्रांति का त्योहार पर बाजार भी गुलजार होने लगा है। पतंग उड़ाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के कारण अब तक ग्राहकी होना चाहिए थी नजर नहीं आ रही है, फिर भी पतंग वाजी गिल्ली डंडा की ग्राहकी गुरुवार की शाम को दिखाई दी। कैलाश कुशवाह ने बताया कि हर साल पतंगों के माध्यम से विभिन्ना संदेश दिया जाते हैं, लेकिन इस बार कोरोना की थीम पर बनी पतंगें ज्यादा बिक रही है। इस बार भी परंपरागत डिजाइन व थीम वाली पतंग आई है। नरेंद्र मोदी के फोटो व संदेश देती पतंगा बिक रही है और इनकी मांग भी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local