आष्टा। आष्टा विकासखंड के ग्राम भूपोड़ में बिजली समस्या को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से स्थानीय विद्युत मंडल के अधिकारी, एसडीएम तथा महाप्रबंधक विद्युत मंडल को लिखित में अवगत कराया, लेकिन समस्या का निदान नहीं होने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी किसानों ने स्थानीय विद्युत मंडल कार्यालय परिसर में मंगलवार की दोपहर को शांतिपूर्वक धरना दिया। धरने के दौरान अपने साथ वाहन में बिछाने के लिए बरसाती की तिरपाल तथा भोजन बनाने का सामान भी लेकर आए थे। धरना प्रदर्शन के दौरान उप महाप्रबंधक विद्युत मंडल इंद्रपाल नर्गेस ने आचार संहिता का हवाला देते हुए आंदोलनकारियों को तत्काल परिसर से बाहर आंदोलन करने को कहा। वहीं उन्होंने आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से चर्चा कर बताया कि आपके गांव में केवल आदि भेजकर काम करवाया जा रहा है। अधिकारी के आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने अपना धरना प्रदर्शन तीन दिन का समय देकर समाप्त किया तथा कहा कि समस्या का निदान पूरी तरह से नहीं हुआ तो तीन दिन बाद पुनः हम धरना प्रदर्शन इसी स्थान पर करेंगे।

भारतीय किसान मजदूर महासंघ के जिलाध्यक्ष डाक्टर सुरेश दुबे ने जहां महाप्रबंधक विद्युत मंडल को 15 जून को ग्राम भूपोड़ के किसानों की समस्या हराजखेड़ी मार्ग वाले ट्रांसफार्मर कचरुमल परमार के घर के पास वाले पोल की केवल खराब हो रही है। किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। 11 केवी के खंभे जो टूट रहे है। उन्हें लकड़ी का टेका लगाकर टिका रखा है। हवा-आंधी में हादसा हो सकता है। ग्राम ढाकनी में पटेल वाला 100 केवी, ट्रांसफार्मर व गांव के पंप वाले 25 केवी, ट्रांसफार्मर का लोड क्षमता वृद्धि कराने के संबंध में स्थानीय लाइनमैन सहित विद्युत मंडल के अधिकारियों को अवगत कराया गया तथा समस्या का निदान न होने पर महासंघ के कचरु परमार, जीवन सिंह वर्मा, श्रीराम वर्मा, पिंटू परमार, हमीर सिंह पटेल, पवन परमार, श्याम परमार, विजय सिंह पटेल, दुर्गा प्रसाद परमार, देवकरण परमार, शंकरलाल वर्मा, गुलाब सिंह जायसवाल, दिनेश विश्वकर्मा आदि किसानों ने धरना दिया। आष्टा अनुभाग के तहत ग्राम भूपोड व भंवरा ग्राम के किसान विद्युत व्यवस्था से परेशान होकर पहुंचे आष्टा विद्युत मंडल कार्यालय किया धरना प्रदर्शन। धरना प्रदर्शन के पूर्व स्थानीय विद्युत व राजस्व विभाग के अधिकारियों को दे चुके थे आवेदन, किंतु समस्या का निराकरण न होने के कारण मजबूरी में पहुंचे आष्टा विद्युत मंडल कार्यालय। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में खराब विद्युत व्यवस्था के चलते अनेकों बार उच्च अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से सूचना दे चुके, किंतु बिजली के तार झूल रहे हैं, अनेकों स्थानों पर विद्युत के तारों को पेड़ों से व डंडो के सहारे बांध रखे हैं। तार नीचे होने और झूलने की वजह से बार-बार विद्युत लाइन में फाल्ट हो रहा है। जिस कारण से ग्रामीणों को ना तो घरों में और ना ही कुए पर खेतों से पानी की सप्लाई मिल पा रही है। मवेशी और ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थ लाइन में किसी भी काम को कराने के लिए पैसे की मांग करता है, पैसा दो और काम करवाओ की बात करता है। वहीं विद्युत मंडल के डीइ इंद्रपाल सिंह नर्गेस ने किसानों से धरना प्रदर्शन न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आचार संहिता चल रही है आपको इसका ध्यान रखना चाहिए। इसके पूर्व ग्रामीण अनुविभागीय अधिकारी को धरना प्रदर्शन करने की लिखित में 27 जून को जानकारी भी दे चुके थे। कुछ समय धरना प्रदर्शन के बाद इंद्रपाल नर्गेस ने किसानों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या के समाधान का तुरंत ही विश्वास दिलाया।

आवेदन दिया था आंदोलन नहीं करने की समझाइश दी जाना थी

नगरीय निर्वाचन व त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2022 को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने कानून व व्यवस्था बनाए रखने तथा आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तथा सीहोर, आष्टा, इछावर, नसरुल्लागंज, बुदनी में संपूर्ण उपखण्ड, तहसील कार्यालय परिसर में जनसभा व जुलूसों पर प्रतिबंध लगाया है। इन परिसरों में धारा 144 के तहत 18 जुलाई तक की अवधि के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने आंदोलन के संबंध में लिखित में अनुविभागीय अधिकारी के नाम पत्र 27 जून को सौंपा था, आंदोलनकारियों को समझाकर समस्या का निराकरण कराने के लिए विद्युत मंडल के अधिकारी को निर्देशित कर देते तो यह स्थिति नहीं बनती।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close