सीहोर। विद्युत चोरी करने वालों के खिलाफ बिजली विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। बावजूद इसके बिजली चोरी के प्रकरण कम होने का नाम नहीं ले रहे है। कई उपभोक्ता कम बिजली बिल के लिए पैसे देकर मीटर में छेड़खानी करवा रहे हैं। जिससे बिजली विभाग को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। इसको लेकर बिजली कंपनी जांच अभियान चला रही है, जिसके बाद बुधवार को कुछ जगह मीटर टैंपरिंग के मामले सामने आए, जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उपभोक्ताओं ने मीटर टैंपरिंग करने वालों के नाम सामने आए, जिसके बाद एई शरद महोबिया, जेई धनराज सूर्यवंशी ने कोतवाली थाने पहुंचकर दोनो आरोपितों के खिलाफ शिकायत करने के साथ ही धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराया है। वहीं पुलिस आरोपितों की तलाश में जुट गई है।

जेई धनराज सूर्यवंशी ने बताया कि 0 से 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के मीटर की सतस जांच चलती रहती है। इस दौरान पिछले वर्ष के माह व वर्तमान की रीडिंग से मिलान किया जाता है। यदि ऐसे में अंतर आता है, तो आगे जांच कराई जाती है। एसे की कुछ मामले सीवन लाइव कालोनी में सामने आए, जहां ललित देशराज नामक बिजली उपभोक्ता के मीटर में टैंपरिंग की बात सामने आई। जब उनसे सख्ती से पूछाताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि ढाई हजार रुपये देकर राजू विश्वकर्मा से टैंपरिंग कराई गई है। साथ ही अन्य आठ जगह इस तरह से मीटर टैंपरिंग करने की भी बात बताई। वहीं बताया कि राजू विश्वकर्मा का साथी वीरेंद्र खुराना भी यह काम करता है। जब दोनो के द्वारा मीटर टैंपरिंग की स्थिति स्पष्ट हुई तो कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया। वही ऐसे अन्य लोगों व मीटर में छेड़छाड़ कराने वालों उपभोक्तओं को पता जांच के दौरान किया जा रहा है, जिसके बाद जहां उपभोक्ता पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाया जाएगा, वहीं मीटर में छेड़छाड़ करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

एक साल में पकड़े 450 बिजली चोर

जेई धनराज सूर्यवंशी ने बताया कि पिछले एक साल में शहर के अलग-अलग वार्डों में जांच अभियान के दौरान करीब 450 बिजली चोरी के प्रकरण में पंचनामा बनाया गया, जिसमें उपभोक्ता पर जुर्माना लगाकर 32 लाख रुपये की वसूली की गई। यदि विभाग की माने तो हर साल मीटर टैंपरिंग कर शहरी क्षेत्र में करीब 40 लाख रुपये का नुकसान बिजली कंपनी को पहुंचाया जा रहा है, जिसके लिए अब विशेष जांच दल बनाया गया है, जो लगातर ऐसे उपभोक्तओं की जांच में जुटा हुआ है।

इस तरह करते है मीटर टैंपरिंग

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि मीटर टैंपरिंग करने वाले दो से ढाई हजार रुपये लेते है, जो मीटर के पिछले हिस्से को काटर उसमें प्रतिरोधक लगा देते है, जो सामान्य रूप से मीटर रीडिंग करते हुए दिखाई नहीं देता लेकिन यह खपत कई गुना कम कर देता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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