आष्टा। पौष में सावन सी झड़ी लग गई है। शहर में लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। गुरुवार को देर रात डेढ़ बजे से लेकर अल सुबह 7.30 बजे तक 6 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर व अरब सागर से आ रही नमी के चलते बारिश हुई है। अभी तीन दिन तक ऐसे ही बारिश का दौर चलने की संभावना जताई गई है। यह मावठा ज्यादातर फसलों के लिए फायदेमंद है। बुधवारा सहित अन्य मार्गों पर पानी भर गया।

सात साल बाद जनवरी में गुरुवार का दिन सबसे ठंडा रहा। इससे पहले 22 जनवरी 2015 को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इससे पहले 2015 को 14 डिग्री दर्ज हुआ था। दो से तीन दिन बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश से सरसों के फूल झड़ने का डर है। जबकि यह मावठा अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है। बशर्ते जलभराव नहीं होना चाहिए।

बारिश का दौर अभी तीन दिन और रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से अरब सागर से नमी आ रही है। राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। इससे तीन दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस बारिश से गेहूं की फसल को सभी जगह फायदा है। हालांकि सरसों की फसल जहां फूल पर है, वहां फूल झड़ने से पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सरसों को छोड़ अन्य के लिए फायदेमंद

दो से तीन दिन बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश से सरसों के फूल झड़ने का डर है। जबकि यह मावठा अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है। शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक आष्टा में औसत 6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इस बारिश से गेहूं की फसल को सभी जगह फायदा है। हालांकि सरसों की फसल जहां फूल पर है, वहां फूल झड़ने से पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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