रमगड़ा क्षेत्र के समीपस्थ गांव निपानिया में किसानों की व्यथा एक गंभीर समस्या के समाधान के लिए बीते साल 2017 से परेशान हैं। बताया जाता है कि जब से कोलार परियोजना के द्वारा नहरों से सिंचाई के लिए शासन द्वारा नहरों का निर्माण कराया गया है, ताकि क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल सके, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण किसानों के खेत तक नहर तो बना दी गई, लेकिन घटिया निर्माण के चलते नहर का पानी हमेशा सीवेज होकर आगे बढ़ता है, जिसके कारण किसानों कि 8 से 10 एकड़ भूमि की फसल सीवेज के पानी से नष्ट हो जाती है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। निपानिया के किसान जिस नहर शाखा से परेशान हैं।

कोलार परियोजना के तजपुरा संस्था अंतर्गत आता है तजपुरा संस्था के किसान अपनी समस्या को लेकर 2017 से सिंचाई विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। कार्यालय जाकर कई बार आवेदन निवेदन कर चुके हैं, लेकिन समाधान की जगह आश्वासन और तारीख ही मिली कार्यालय से थके हारे किसान ने जब सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद विभाग द्वारा सक्रियता दिखाते हुए जेसीबी मशीन द्वारा नहर के साइड से एक कच्ची नाली को खुदवाकर प्राथमिक समाधान कर दिया गया। इसके बाद से विभाग ने कभी मुड़कर नहीं देखा। विभाग की अनदेखी के कारण न तो नहर की मरम्मत होती है और न ही सफाई, जिसके कारण टेल के किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी भी नहीं मिल पाता है। बताया जाता है कि नहर का सही निर्माण करा दिया जाए तो किसानों की हो रही 8 से 10 एकड़ भूमि की फसल को बचाया जा सकता है और बेवजह पानी के दुरुपयोग को भी बचाया जा सकता है। नहर के सीवेज पानी से फसलें खराब होने वाले किसान नंदकिशोर, तुकाराम, विद्या बाई, पुरुषोत्तम, खुशीराम आदि किसान सीवरेज की समस्या से परेशान हैं। इसलिए समय रहते विभाग को इस ओर ध्यान देकर किसान की समस्या का समाधान कर किसानों को हो रहे आंशिक नुकसान से बचाया जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local