सीहोर। जिले में रेत से भरे तेज रफ्तार वाहन कई लोगों की मौत का कारण बन चुके हैं। जिले में हर साल तेज रफ्तार रेत से भरे डंपरों के कारण 30 से ज्यादा मौत होती है। जो बड़े दर्दनाक हादसे होते हैं। इसके बाद भी डंपरों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगती। इस बारे में जब डंपर चालकों से बात कि तो उन्होंने बताया कि हर एक डंपर मालिक एक दिन में दो चक्कर लगाकर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं। जिसके लिए वाहन चालक वाहन को तेज भगाते हैं। जिससे हादसे होते हैं। इनमें से कुछ हादसे ऐसे होते हैं। जिन्हें कभी भुलाया नहीं जाता। साथ ही यह हादसे घटना में परिवार को ही खत्म कर देते हैं। ऐसा ही एक हादसा पांच वर्ष पहले जिले के नसरुलागंज में रूजनखेड़ी में हुआ था। जब सड़के किनारे बनी एक झोपड़ी में सुबह 4 बजे रेत से भरा ट्रक जा घुसा। पूरे घर में रेत भर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की रेत में दबकर मौत हो गई थी। जबकि दो लोग घायल हो गए। ट्रक छिंदगांव काछी ने चोरी-छुपे रेत भरकर इंदौर जा रहा था। ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झोपड़ी में जा घुसा। हादसे में सावन सिंह उम्र 45 वर्ष, उसकी पत्नी सविता बाई और 14 साल की बेटी प्रार्थना की रेत में दबने से दम घुटने पर मौत हो गई। वहीं दो बच्चे प्रियांशु और दीपांशु घायल हो गए।

इस तहर के भयानक हादसे जिले में रेत डंपरों के कारण लगतार होते हैं। जिसमें लोग घायल होते हैं। एक साल में जिले में 30 ज्यादा मौत रेत डंपरों के करण ही हो जाती है। इसके बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं जा रही। जिससे इस तरह की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है। तेज रफ्तार डंपर जब सपाट सड़क पर पहुंचते हैं। तो उनकी रफ्तार बहुत तेज हो जाती है। डंपर से गिरती रेत वाहन चालकों को सुई की तरह चुभती है। जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। वहीं अधिकतर डंपर देर रात और अल सुबह रेत का परिवहन करते हैं। जिससे वे पुलिस की पकड़ में न आए। रात के समय कई बार चालक नशे में या नींद में होते हैं। जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और हादसे होते हैं।

कुछ हादसे जिनमें गए जान

घटनाः 20 जून 2020

तेज रफ्तार रेत से भरे डंपर और स्कॉर्पियो की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। ये हादसा नसरुल्लागंज के अतरालिया गांव के पास हुआ था। स्कार्पियो सवार इंदौर से लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार रेत डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को नसरुल्लागंज अस्पताल में भर्ती कराया था।

घटनाः 20 अगस्त 2020

जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में रेत के डंपर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचल दिया। तीनों युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद डंपर चालकों पर लगाम नहीं लग पा रही है और आए दिन हादसे हो रहे है। जबकि सीहोर कलेक्टर ने आदेश हैं कि रात में डंपर चालक रेत नहीं भरेंगे। इसके बाद भी कारोबार जारी है और लोगों की मौत हो रही है।

एक रायल्टी पर दो ट्रिप हादसे का कारण

रेत से भरे ओवर लोडेड डंपरों को चालक कार्रवाई के डर से तेज रफ्तार से भगाते हैं। वहीं दूसरा बड़ा कारण यह है कि डंपर संचालक दिन में एक बार रायल्टी कटवाते हैं। फिर उसमें क्षमता से अधिक रेत भरते हैं। इसके बाद उन्हें तेज रफ्तार से खाली करने घाट से शहर जाते हैं। इसके बाद फिर से वही डंपर उसी रायल्टी पर फिर से क्षमता से अधिक भरा जाता है। इस तरह संचालक एक रायल्टी पर दो ट्रिप लगा लेते हैं, लेकिन उनकी इस जलती में कई मासूमों की जान चली जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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