सीहोर। शहर के छावनी नमक चौराहा स्थित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में इन दिनों श्रीमद् भागवत रस का एवं नारायण तुलसी विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। सोमवार को महोत्सव के अंतर्गत यहां पर मौजूद श्रद्धालुओं ने श्री ठकुर जी की हल्दी और मेहंदी की दिव्य रस्म के अलावा कथा में श्री कृष्णबाल लीला और श्री गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मंगलवार को सुबह ग्यारह बजे श्री नारायण बारात निकाली जाएगी और बुधवार को पाणिग्रहण संस्कार का आयोजन किया जाएगा। श्री नारायण की बारात शहर के खजांची लाइन स्थित श्री जी की हवेली से निकालेगी जो छावनी के विभिन्ना मार्गों से होते हुए मंदिर पर पहुंचेगी।

हनमान मंदिर परिसर में जारी सात दिवसीय भागवत कथा में सोमवार को आचार्य हर्षित शास्त्री ने बाल कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया और कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्सा, इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। हर घर में भोग लगाया जाना चाहिए। गीता में कहा गया है कि वह इंसान हर बुराई से मुक्त हो जाता है जो ईश्वर को भोग लगाने के बाद खुद वह भोजन ग्रहण करता है। प्राचीन काल से ही हिंदू रीति-रिवाजों में भगवान को भोग लगाने की चली आ रही परंपरा आज भी कायम है। सोमवार को आरती के दौरान मुख्य यजमान गोविंद्र शर्मा, भारती शर्मा, समाजसेवी राधेश्याम राय, नर्मदा राय आदि शामिल थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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