आष्टा। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर बार-बार की जा रही एक्साइज ड्यूटी की कटौती से पेट्रोल पंप संचालकों को नुकसान हो रहा है। तीन दिन पहले हुई कटौती से प्रत्येक पंप संचालकों को पांच से 15 लाख रुपये नुकसान हुआ है। इसके पहले 4 व 5 नवंबर 2021 को डीजल पर 15 रुपये और पेट्रोल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। उस दौरान 20 से 22 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। बार-बार कटौती से हो रहे नुकसान देखते हुए पंप संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार को सभी पेट्रोल पंप शाम 7 से रात 9 बजे तक बंद रहें। जिसके कारण पेट्रोल पंपों पर सन्नााटा छाया रहा।

पेट्रोल पंप संचालक मंगलवार को तहसीलदार लाखनसिंह चौधरी से मिले और उन्हें अपनी परेशानी बताई। साथ ही कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने का हम स्वागत करते हैं। पेट्रोल और डीजल की खरीद पर एक्साइज ड्यूटी पेड की जाती है। इस स्थिति में एक्साइज ड्यूटी घटने से हमारे द्वारा एडवांस में पेड की गई ड्यूटी को हमें रिफंड करना चाहिए। आज दो घंटे की हड़ताल के दौरान इमरजेंसी वाहनों को ईधन मुहैया कराया गया।

ये चाहते हैं पेट्रोल पंप संचालक

साल से पेट्रोल और डीजल के कमीशन में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पेट्रोल और डीजल का कमीशन बिक्री मूल्य का 5 फीसदी कर, कमीशन की दर 2017 से दी जाए। आइल कंपनियों द्वारा बगैर डिमांड के डीलर्स को जबरन बिना किसी डिमांड के इंडेंट पर 5-5 लाख रुपये के आयल बिल दिए जा रहे हैं। जबकि आयल की बिक्री इतनी होती नहीं है। लाखों रुपये का स्टाक बचा है। पेट्रोल और डीजल की खरीद पर एक्साइज ड्यूटी पेड की जाती है। एक्साइज ड्यूटी घटने में हमारे द्वारा एडवांस में पेड की गई ड्यूटी रिफंड की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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