सीहोर, नवदुनिया प्रतिनिधि। शहर का भूमिगत जल स्तर सीवन नदी और सीटू नाले के कारण बना रहता है, लेकिन सीवन नदी की लगातार अनदेखी के कारण इस पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। साथ ही इसका गहरीकरण नहीं होने से इसमें ज्यादा पानी संरक्षित नहीं हो पाता। जिससे गर्मी की शुरुआत में ही नदी सूखने लगती है। जिसके बाद कुछ दिनों में ही आसपास के क्षेत्र के बोर सूख जाते हैं। यदि क्षेत्र का भूमिगत जल स्तर बना रहे तो नदी का गहरीकरण किया जाना बहुत जरूरी होता जा रहा है। जिसको लेकर रविवार को स्थानीय लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया औ नदी गहरीकरण को लेकर प्रदर्शन भी किया।

चद्दर पुल से लेकर हनुमान फाटक तक के गहरीकरण के लिए रविवार को कस्बा क्षेत्र के लोग एकजुट हुए और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का गहरी किया जाए। इसके साथ ही जलकुंभी व कचरे की साफ सफाई की जाए। इसके लिए लोगों से हस्ताक्षर करवाए गए। इसके साथ ही उत्कृष्ठ स्कूल के पास रैलिंग पर पोस्टर लगाकर उसपर भी हस्ताक्षर कराए गए। स्थानीय लोगों ने नदी को पुनर्जीवन देने के लिए अपने विचार और सुझाव दिए। सभी ने मिलकर प्रशासन से अपील की कि कस्बा क्षेत्र उपेक्षा का शिकार होता आया है। क्षेत्र को लेकर कोई प्रभावी योजना भी तैयार नहीं की गई। साथ ही अब तो मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों को नदी सफाई के लिए भी आवाज उठानी पड़ रही है। जबकि शहर के दूसरे क्षेत्रों में नदी की सफाई का काम किया जा रहा है। जबकि कस्बा क्षेत्र से कई स्थानों पर पानी की सप्लाई की जाती है। जबकि वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को ही जल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में और भी समस्याएं नदी की सफाई नहीं करने से बढ़ेगी। नदी का गहरीकरण, जलकुंभी व कचरे की साफ-सफाई भी की जानी चाहिए। जिससे कुओं, बावड़ी, नलकूप, बोरवेल आदि में पानी होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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