फोटो 01. 02 सीहोर। अस्पताल का निरीक्षण करते विधायक सुदेश राय।

सीहोर। विधायक सुदेश राय ने सोमवार को अचानक जिला अस्पताल का निरीक्षण कि या। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर सिविल सर्जन डॉ. आनंद शर्मा को अस्पताल में नियमित साफ-सफाई और दवाइयों के वितरण के संबंध में निर्देश दिए। अस्पताल के नए भावन निर्माण के स्थान का अवलोकन कि या।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विधायक श्री राय के प्रयासों से जिला चिकि त्सालय को 15 करोड़ की लागत की एक नए भवन की स्वकृति मिली है। जिसका निर्माण अति शीघ्र अस्पताल परिसर में ही होना है। नए भवन के निर्माण के लिए पुराने भवन को जल्द ही हटाये जाने की कार्यवाही करने के निर्देश भी सिविल सर्जन को दिए है। विधायक सुदेश राय ने ने बताया कि सीहोर अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या के हिसाब से अस्पताल पलंग एवं स्थान कम होने की बजह से मरीजों को परेशानियों का सामना पड़ता है। अब एन भवन की स्वीकृति हो गई है। नया भवन बनने बाद मरीजों को और अन्य सुविधाएं भी सीहोर अस्पताल में उपलब्ध हो जाएंगी। अस्पताल के निरक्षण के समय उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सीताराम यादव, भाजपा प्रवक्ता राजकु मार गुप्ता, सिविल सर्जन आनंद शर्मा, डॉ. भारत आर्य, डॉ. आरके वर्मा, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ.गगन नामदेव उपस्थित रहे।

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वादाखिलाफी के विरोध में लोगों ने किया प्रदर्शन

-प्रशासन ने तहसील कार्यालय के बंद कि ए गेट, जमीन पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

फोटो 03, 04 सीहोर। तहसील गेट के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन करते लोग।

सीहोर। सैकड़ों महिलाओं, कि सानों, मजदूरों व शहरी नागरिकों ने भाजपा नेता गौरव सन्नी महाजन के नेतृत्व में तहसील चौराहा पर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की जनविरोधी नीतियों और वादा खिलाफी के विरोध में धरना प्रदर्शन कि या। जनता के साथ जनता के लिए प्रदर्शन करने पहुंचे गौरव सन्नी महाजन और लोगों को प्रशासन ने तानाशाही दिखते हुए तहसील कार्यालय के बाहर ही रोक दिया। प्रशासन ने तहसील कार्यालय के गेट बंद कर जनता का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता महाजन से ज्ञापन लेने पहुंचीं तहसीलदार को ज्ञापन देने से महाजन ने जनता की मांग पर इंकार कर दिया। महाजन ने ज्ञापन एसडीएम को ही देने के लिए कहा। मौके पर काफी देर तक एसडीएम नहीं पहुंचे जिस के विरोध में गेट के सामने जमीन पर हीजनता के साथ बैठकर महाजन ने फिर से धरना दिया। इस दौरान प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ जनता ने जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान तहसील कार्यालय के बाहर और अंदर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

इस दौरान श्री महाजन ने कहा कि नाथ सरकार ने बेराजगारों को रोजगार भत्ता देने का वादा कि या था। कि सी भी बेराजगार को भत्ता नहीं दिया जा रहा है। भाजपा सरकार के द्वारा शुरु की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार कि सानों, गरीबों और मजदूरों के बिजली उपभोक्ताओं बाढ़ पीड़ितों के साथ अन्याय कर रही है। अतिवृष्टि से कि सानों की सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी है। सरकार ने अबतक पूर्ण सर्वे नहीं कि या है। सर्वे में पात्र कि सानों को भी छोड़ दिया गया है। इसी प्रकार शहरी और ग्रामीण बाढ़ पीड़ितों को भी मुआवजा राशि का वितरण नहीं कि या है। बिजली उपभोक्ताओं भारी भरकम बिजली के बिल दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस सरकार जनता से कि ए वचन करे पूरे

विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा जिले में लगातार मनमानी की जा रहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली काटी जा रहीं है, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पढ़ रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अबतक अपना वचन नहीं निभाया है। कि सानों के दो लाख रुपए के लोन माफ नहीं कि ए गए है। भाजपा नेता श्री महाजन ने राज्यपाल के नाम डिप्टी कलेक्टर रवि वर्मा को ज्ञापन देकर कि सानों को प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपए मुआवजा दिया जाए। कि सानों को बोनस दिया जाए। बाढ़ पीड़ित शहर और ग्रामीण क्षेत्र के व्यापारी दुकानदार मजदूरों गरीबों को पर्याप्त राहत राशि देने। भारी बारिश से कि सानों की फसल नष्ट होने पर मुआवजा देने। बिजली बिल हॉफ करने के वचन को पूरा कि या जाए। भाजपा नेता महाजन ने कहा कि प्रदेश सरकार अगर उक्त मांगे नहीं मानती है, तो अब जनता के साथ उग्र आंदोलन कि या जाएगा।

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आशाओं ने की नियमितीकरण, अतिरिक्त वेतन देने की मांग

-कार्यकर्ताओं ने सीएमए स्वास्थ्य मंत्री, संचालक स्वास्थ्य मिशन के नाम ज्ञापन फोटो 05 सीहोर। सहायीकाओं ने कि या प्रदर्शन।

सीहोर। आशा, ऊषा व आशा सहयोगिनी एकता यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री एवं संचालक स्वास्थ्य मिशन के नाम डिप्टी कलेक्टर वरुण अवस्थी को कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया। आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी ने कर्मचारी घोषित करने व अतिरिक्त वेतन देने की मांग की।

स्वास्थ्य मिशन व स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे सक्रिय रुप से काम करने वाली आशा उषा व सहयोगी वर्षो की सेवा और कई मॉड्यूल के प्रशिक्षण के साथ प्रदेश में मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु को रोकने बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य संबंधी सभी योजनाओं व अभियानों को आम जनता के लिए बखूबी निभा रही हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम जनता के बीच शासकीय चिकि त्सा व्यवस्था एवं स्वास्थ्य विभाग की सर्वमान्य प्रतिनिधि व सेतु के रुप में आशा काम कर रही हैं, लेकि न दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि शासन आशा उषा व सहयोगी को कर्मचारी या श्रमिक का दर्जा न्यूनतम वेतन व काम के दौरान मृत्यु या दुर्घटना मृत्यु की दशा में परिवार को कु छ भी नहीं दे रही है। भारतीय श्रम सम्मेलन के 45 वे सत्र में सर्व सम्मत प्रस्ताव पारित कर आशाओं सहित योजना कर्मियों को श्रमिक का दर्जा न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने का निर्णय लिया है, जबकि अन्य प्रदेशों में के रल, हरियाणा में 6000 आंध्र प्रदेश में 10 हजार सहित कई राज्यों में आशाओं को अतिरिक्त नियमित वेतन सरकार दे रही है, लेकि न मध्य प्रदेश सरकार आशा उषा सहयोगी को अपनी ओर से कु छ भी नहीं दे रही है, जो कु छ भी थोड़ा बहुत मिलता है, उसमें भी काफी काट छांट की जाती है। कई जगह पर दो-दो, तीन-तीन और चार-चार महीने से आशाओं को भुगतान नहीं कि या गया है। आशा ऊषा एवं आशा सहयोगिनी एकता यूनियन प्रतिनिधिमंडल की सुखवती वर्मा, शकु न धुर्वे, आशा हरियाले, वसु राजमणि, संतोषी कटारिया, सुनील ककोड़िया, सुनीता राठौर, भारती राठौर, सरिता विश्वकर्मा, अनीता राठौर, रजनी राठौर, रानी राठौर, भारती कु शवाहा, ममता राठौर, पदमा राठौर ने सभी रुके हुई राशि का तत्काल भुगतान करने, राज्य सरकार अपने वचन को पूरा करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर न्यूनतम वेतन दिए जाने सहित अन्य मांगें की है।