सीहोर। गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं खुद के साथ अपने नवजात की देखभाल कर सकें इसलिए उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और भरपूर पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है, लेकिन जिले में योजना के बुरे हाल हैं।

जिले में मातृ वंदना योजना के सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। जहां गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को तय समयावधि में योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पीएम मृातवंदन योजना में जिलेभर की करीब 757 पात्र हितग्राहियों को कई महिनों से द्वितीय और तृतीय किस्त नहीं मिली है। योजना में 146 महिलाओं को द्वितीय तो वहीं 611 को तृतीय किस्त खातों में हस्तांतरित नहीं की गई। हालांकि इसका प्रमुख कारण आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता भी है। क्योंकि हितग्राही के पूरे दस्तावेज व बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से भी राशि रुक जाती है। वहीं कई महिलाएं जन्म के बाद पलायन कर जाती हैं, जिससे यह राशि अटक जाती है। वहीं बच्चे की मौत के कारण भी दूसरी व तीसरी किस्त अटक जाती है।

अप्रैल से दिसंबर तक 8581 पंजीयन

मातृ वंदना योजना में अप्रैल माह से दिसंबर 2020 तक 8581 महिलाओं ने पंजीयन कराया। सभी को पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिली है, जिससे गरीब हितग्राहियों को आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि मातृवंदना योजना की राशि सीधे हितग्राही के खाते में जाती है।

एनीमिया और कुपोषण में बढ़ोत्तरी

किस्त लंबित होने के कारण इस कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझती गर्भवती और शिशुवती माताओं के साथ ही नजवात शिशुओं को भी पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। गर्भवतियों में खून की कमी और नवजातों में कम वजन की शिकायतें सामने आ रही हैं।

किस्त का इंतजार

परियोजना-द्वितीय-तृतीय

आष्टा-09-88

बुधनी-01-21

दोराहा-00-36

इछावर-71-149

जावर-31-113

नसगंज-34-182

सीहोर-00-22

सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित किस्तें खातों में दी जा रही हैं। पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। केंद्र द्वारा किस्त खाते में भेजी जाती है, जो भी किस्त का क्रम है, उसके मुताबिक लाभ मिल रहा है। हालांकि कभी-कभी दस्तावेजों की कमी व टीकाकरण नहीं होने के कारण भी किस्त रुक जाती है।

रचना बुधोलिया, महिला बाल विकास अधिकारी सीहोर

Posted By: Nai Dunia News Network

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