सीहोर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा ने मांगों को लेकर गुरुवार से शहर के जनपद कार्यालय में मशाल जलाकर विशाल धरने और आंदोलन का शुभारंभ कर दिया है। इस वजह से मनरेगा के अंतर्गत समस्त निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य, मस्टररोल ऑनलाइन निकालना, निर्माण कार्यों के जियोटैगिंग, हितग्राही मूलक योजना की स्वीकृति आवेदन ऑनलाइन के कार्य, 15वां वित्त आयोग निर्माण कार्यों के भुगतान नहीं हो पा रहे। ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं एवं निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गुरुवार को 17 संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने बड़ी संख्या में जनपद सीईओ को ज्ञापन भी दिया है। शुक्रवार को दोपहर एक बजे मोर्चा के प्रदेश संयोजक और सह संयोजक रोशन परमार भी विशाल धरना स्थल पर पहुंचेगे। इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा के संयोजक प्रमोद राठौर, सह संयोजक राजू नामदेव, प्रवक्ता अखिलेश मेवाड़ा, ओम प्रकाश पटेल, भारत मेवाड़ा, उमाशंकर सेन, रचना कौशल, ब्रजमोहन मालवीय, ओम प्रकाश शर्मा, महेश राठौर, विजय त्यागी, घनश्याम मेवाड़ा, पद्म मालवीय, सुरेश परमार, दीनदयाल, यशपाल संजय शर्मा आदि की उपस्थित में गुरुवार को एक ज्ञापन पत्र सौंपा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के धरना और प्रदर्शन का असर अब दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों से अपनी मांगों के चलते यह लोग हड़ताल पर थे। अब आंदोलन शुरू हो गया है, जिसका असर दिखाई दे रहा है। संयुक्त मोर्चा की मांगों को पूर्ण नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

मशीन की तरह किया जा रहा उपयोग

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग प्रदेश सरकार की रीड़ है। अतिरिक्त कार्यभार और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने जिला को नंबर वन बनाने की होड़ में जनपद पंचायत सीईओ, उपयंत्री एवं अन्य कर्मचारी प्रताड़ित होकर अपनी मौत को गले लगाने मजबूर है। एक तो सरकार द्वारा डीए, इंक्रीमेंट आदि रोकना और ऊपर से हर अभियान में पंचायत व ग्रामीण विकास के अमले को मशीन की तरह उपयोग करने का खेल जारी है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा इस प्रताडऩा के विरोध में आंदोलन करने के लिए बाध्य हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि खरगोन जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व गंधवानी जनपद में पदस्थ उपयंत्री द्वारा प्रताडऩा से त्रस्त होकर आत्मघाती कदम उठाया गया है। दोनों अधिकारियों की आत्महत्या के कारण अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई व मोर्चा के अंतर्गत सम्मिलित सभी संगठनों की अनिवार्य मांगों को पूरा करने की मांग की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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