इछावर। इछावर ब्लाक के तहत आने वाली फांगिया पंचायत में ग्रामीणों ने पंचायत सचिव तथा रोजगार सहायक पर जमकर धांधली के सात भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीण प्यारेलाल, कुमार सिंह पिता देवी सिंह, विनोद मेवाड़ा पिता गोपाल सिंह, मदन सिंह पिता प्यारे लाल साहु ने आरोप लगाते हुए कहा कि फांगिया पंचायत में आज भी ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। आज हम पानी, शौचालय, पीएम आवास तक की सुविधा से वंचित हैं। उक्त ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव व रोजगार सहायक के द्वारा शासकीय योजना का लाभ सिर्फ सरपंच व उनके चहेतों को ही दिया जाता है। जबकि असली हितग्राही तो योजना से वंचित ही रह जाता है। ग्रामीणों का कहना की आज भी गांव में पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है ना तो गांव में कोई हैंडपंप है और ना ही कोई कुआं। हम सब लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर दूर से कोई किसी के खेत, तो किसी के कुएं से पानी लेकर आते हैं। इन समस्याओं को लेकर कई बार पंचायत के जिम्मेदारों को भी अवगत करा चुके हैं परंतु कोई भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।

शौचालय से लेकर पीएम आवास तक में धांधली

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव व रोजगार सहायक लखन अपने व सरपंच के चहेतों को ही शासकीय योजनाओं जैसे शौचालय का निर्माण व पीएम आवास, जॉब कार्ड, मनरेगा का लाभ देते है तथा हम ग्रामीणों के साथ भेदभाव किया जाता है और हर शासकीय योजना का लाभ सिर्फ इनके चहेतों को ही दिया जाता है।

शासकीय कर्मचारियों के घरों में भी दिए आवास

ग्रामीण प्यारेलाल, विनोद मेवाड़ा, अमर सिंह ने सरपंच और सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में शासकीय कर्मचारियों व रसूखदार परिवार के घरों में तीन-तीन चार-चार आवास दे दिए गए है। गांव में ही रहने वाले दिलीप सिंह मास्टर के यहां एक ही घर में तीन आवास दे दिए गए हैं जबकि उनके पास बहुत जमीन बड़ा मकान व ट्रैक्टर मिलाकर सारी बुनियादी सुविधाएं हैं।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो काट दिए नाम

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत का सहायक सचिव लखन की अगर हम सीएम हेल्पलाइन पर या अन्य किसी अधिकारी को पंचायत में हो रही धांधली व अनदेखी की शिकायत करते हैं तो वह पात्रता पर्ची से हमारा नाम काट देता है। और हमें डराता भी है कि अगर किसी से शिकायत की तो समझ लेना।

वृद्धावस्था पेंशन व राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए की जाती है पैसे की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक सचिव लखन वृद्धावस्था पेंशन में नाम जुड़वाने व राशन पर्ची बनवाने के लिए कोई जाता है तो उससे पांच सौ रुपये लेता है अन्यथा महीनों चक्कर काटने के बाद भी ना तो वृद्धावस्था पेंशन में नाम जुड़ पाता है और ना ही राशन पर्ची में।

यदि किसी भी पंचायत में इस तरह का कार्य किया जा रहा है तो उसकी जांच की जाएगी। वहीं अभी तक किसी ग्रामीण ने शिकायत नहीं की है।

विष्णु यादव, एसडीएम

Posted By: Nai Dunia News Network

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