आष्टा। नगर के कन्नाौद रोड पर संचालित आयुष्मान हॉस्पिटल में सोनोग्राफी के नाम पर जो कुछ गड़बड़ झाला हो रहा है, वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। जिला मुख्यालय के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा नियम विरुद्ध दी जा रही अनुमतियां भी जांच का विषय है। कई पीड़ितों ने सीहोर से लेकर भोपाल तक आयुष्मान हॉस्पिटल में सोनोग्राफी के नाम पर जो कुछ हो रहा था उसकी शिकायत की थी। ऊपर तक हुई शिकायतों को लेकर जिला अस्पताल से एक जांच दल जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉक्टर जोगेश्वर दयाल कोरी के नेतृत्व में आयुष्मान हॉस्पिटल में सोनोग्राफी के दस्तावेजों की जांच की गई, जिन लोगों ने शिकायत की थी उन सब की जांच की काफी लंबे समय तक चली जांच में कई गंभीर अनियमितताएं मिली है। मौके पर भी उक्त जांच दल को काफी लोग सोनोग्राफी के लिए मिले तथा जांच भी पुरुष वर्ग की की जा रही थी। इसके बाद भी उक्त सोनोग्राफी को सील नहीं किया गया। जिसका परिणाम यह है कि उक्त सोनोग्राफी मशीन को संचालित वापस किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार सोनोग्राफी के लिए हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर का होना जरूरी है। वहीं अस्पताल के अंदर केवल केवल उन गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा सकती है, जिन्हें उक्त अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर परीक्षण व उनका इलाज करती है, मिली जानकारी के अनुसार आयुष्मान हॉस्पिटल में इसके अलावा भी अन्य लोगों को मरीजों की सोनोग्राफी की जा रही थी, जिसके लिए वह पात्र नहीं है। हुई शिकायतों के बाद 21 अक्टूबर को सभी तरह के दस्तावेजों जिन जिन मरीजों की सोनोग्राफी हो उनका रिकॉर्ड तथा जिन लोगों ने शिकायत की थी उन शिकायतों की भी जांच की गई। जिसमें काफी अनियमितताएं पाई गई। फिलहाल जांच दल ने रिपोर्ट बनाकर सीएमएचओ डॉ सुधीर कुमार डेहरिया को सौंपेंगे। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं जांच अधिकारी जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी जोगेश्वर दयाल कोरी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सुमन हॉस्पिटल में सोनोग्राफी के नाम पर को लेकर कई गंभीर शिकायतें हुई थी, उन शिकायतों की जांच की गई है। जांच में कई अनियमितताएं पाई गई है। हमें जानकारी मिली थी कि लंबे समय से इस हॉस्पिटल में सोनोग्राफी के नाम पर एक गोरखधंधा चल रहा था जिसकी पीड़ितों द्वारा की गई शिकायतों की अब जांच हुई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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