आष्टा (नवदुनिया न्यूज)। खरीफ की नई फसल खेतों से खलिहानों में पहुंच गई। किसान इसे बेचकर प्राप्त होने वाले रुपये से रबी फसल की बोवनी तथा दीपोत्सव पर्व की तैयारी कर रहे हैं। पिछले दिनों लगातार अवकाश के कारण मंडी बंद थी। गुरुवार को मंडी में उपज नीलामी होना थी, हर किसान जल्दी उपज बेचने की तैयारी में था। बुधवार की दोपहर से ही मंडी में उपज से भरे वाहनों की कतार लग गई थी। आज दूसरे दिन भी आवक काफी अधिक रही। करीब 30 हजार बोरो की नीलामी आज कराई गई। गुरुवार की बची उपज की नीलामी भी शुक्रवार सुबह सबसे पहले कराई गई। इस सीजन में पहली बार मंडी में रिकॉर्ड आवक 21 अक्टूबर को हुई थी। अव्यवस्था के कारण किसानों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मंडी में सोयाबीन, मक्का, गेहूं आदि की आवक रही। सभी नीलाम शेड फूल हो गए थे, सड़कों तक किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी थी।

करीब एक सप्ताह से त्योहारों के चलते अवकाश चल रहे थे। इसी बीच मंडी में आवक इतनी अधिक हुई कि 21 अक्टूबर को मंडी के आसपास के सारे मार्ग ट्रैक्टर ट्रालियों से पट गए थे। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार 22 अक्टूबर को करीब 30 हजार क्विंटल की आवक रही। व्यापारियों के सहयोग से किसानों की सारी उपज नीलाम करा दी गई। दो दिनों से बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर मंडी पहुंचे थे। स्थिति यह रही कि मंडी परिसर के गेट बंद करना पड़े तथा वाहनों की कतारें मंडी के सामने व सड़क किनारे पर भी लग गई थी। दिन भर में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल उपज की नीलामी हुई। जैसे ही उपज के परिसर खाली होते गए मंडी प्रबंधन ने बाहर खड़े किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों को प्रवेश देना शुरू किया। मंडी सचिव राजेश कुमार साकेत के अनुसार शुक्रवार को दूसरे दिन किसानों की पूरी आवक नीलाम करा दी गई है।

मंडी में आवक बढ़ने के चार मुख्य कारण

- रबी फसल बोवनी के लिए रुपए की आवश्यकता, मौसम में बदलाव हुआ बारिश की संभावना, दीपोत्सव पर्व की खरीद।

- मंडी में किसान को उपज बेचने के बाद शाम को व्यापारी द्वारा नगद व आरटीजीएस से भुगतान।

- मंडी प्रांगण में प्रत्येक उपज के शेड अलग-अलग व पर्याप्त जगह।

- 15 से 20 अक्टूबर के बीच सिर्फ 18 अक्टूबर को मंडी में नीलामी हुई, अवकाश के चलते किसान मंडी खुलने का इंतजार कर रहा था।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local