सीहोर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सर्वोच्च न्यायालय एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर आरएन चंद के मार्गदर्शन में जिला एवं तहसील स्तर पर नेशनल लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 24 खण्डपीठ गठित की गई। उक्त खण्डपीठों में नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराने के लिए न्यायालय में लंबित कुल 6044 प्रकरण रखे गए थे जिनमे से 589 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर होकर समझौता राशि सात करोड़ 26 लाख 81 हजार 122 रुपये जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष कुल प्रिलिटिगेशन 14 हजार 940 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 619 प्रकरणों का निराकरण होकर समझौता राशि 1 करोड़ 33 लाख 69 हजार 324 रुपये जमा कराई गई। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 1208 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 8 करोड़ 60 हजार 50 हजार 446 समझौता राशि जमा हुई।

नेशनल लोक अदालत का शुभारभ आरएन चंद प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर द्वारा शनिवार को सुबह साढ़े 11 बजे देवी सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं न्यायालय परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की प्रतिम पर पुष्प माला अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर आरएन चंद प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार दांगी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश अशोक भारद्वाज, तृतीय जिला न्यायाधीश अनिलान जैन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अर्चना नायडू चीड एवं न्यायाधीशगण निधु श्रीवास्तव, राखी सिकरवार, इकारा मिन्हाज, शुभा रिछारिया दीक्षित, तनु गर्ग, अभिभाषक संघ सीहोर तथा मुख्यालय सीहोर के अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालीगल वालेन्टियर्स उपस्थित रहे राजीनामा करने वाले 1 सभी पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पौधे भी वितरित किए गए।

एक दंपती को हार-फूल माला पहनाकर खुशी-खुशी विदा किया। नेशनल लोक अदालत में एमजेसी प्रकरण में अनिता विरुद्ध चेतन के प्रकरण में उभयपक्ष के मध्य विवाह विच्छेद, घरेलू हिंसा जैस अन्य मामले लंबित थे प्रकरण में न्यायालय के पीठासीन अधिकारी तनु गर्ग द्वारा दोनो पक्षो को कई बार समझाईश दी जाकर उन्होंने प्रकरण में दोनो पक्षो की आपसी सहमति के आधार पर राजीनामा करवाया गया। दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर एक-दूसरे से माफी भी मांगी।

मध्यस्थता से दो बैंक रिकवरी प्रकरणों का निराकरण

पक्षकार जय कपिश पर स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया का ऋण 878497 रुपये था जिसका राजीनामा 450000 रुपये एवं पदमसिंह नामित पक्षकार पर बैंक का रूपये 319566 था, जिसका राजीनामा 248000 में प्रधान जिला न्यायाधीश आरएन चंद के प्रयास से दोनो पक्षकारों के मध्य राजीनामा होकर प्रकरण का नेशनल लोक अदालत में करवाया जाकर समाप्त हुआ। नेशनल लोक अदालत में भारी संख्या में प्रकरणों के निराकरण में पक्षकारों एवं अभिभाषक की उत्सुकता देखी गई। अधिकांश पक्षकार अपने प्रकरण का निराकरण समझौते के माध्यम से होने से लोग खुश होकर लौटे

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close