सिद्धीकगंज(सीहोर)। सिद्धीकगंज ग्राम पंचायत के ग्राम पगारा का पहुंच मार्ग खराब होने के कारण मंगलवार को एक प्रसूता को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उसके परिजनों को काफी मशक्कत करना पड़ी। परिजन उसे कपड़े की झोली में लेटाकर करीब 3 किमी पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक आए। तब एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

पगारा निवासी अजब सिंह के मुताबिक उसकी पत्नी ऊषाबाई(21) को सुबह प्रसव पीड़ा हो रही थी। सुबह करीब 8.40 बजे 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस ग्राम पीथापुरा के पास आकर खड़ी हो गई। वहां से पगारा तक की सड़क पर भारी कीचड़ के कारण चालक ने एंबुलेंस घर तक लाने में असमर्थता जताई। जिस पर परिजन ने लकड़ी पर कपड़ा बांधकर झोली बनाई। उसमें ऊषाबाई को लेटाया। फिर उस झोली को कंधे पर रखकर करीब 3 किमी पैदल चलकर एंबुलेंस तक आए।

तब ऊषाबाई को सिद्धीकगंज अस्पताल पहुंचाया जा सका। जहां उसे भर्ती कर लिया गया। दोपहर करीब 1 बजे उसने बच्चे को जन्म दिया। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे आष्टा रेफर कर दिया। परिजन ने दोपहर 1.30 बजे फिर 108 एंबुलेंस को फोन किया। करीब तीन घंटे बाद एंबुलेंस आई। तब बच्चे को आष्टा अस्पताल पहुंचाया जा सका।

समस्या हल कराएंगे

बारिश में किन गांवों की सड़क सड़क न होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है, उनका निरीक्षण कराया जाएगा। समस्या का निदान जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा।

-राजेश शुक्ला, एसडीएम आष्टा

Posted By: Hemant Upadhyay