बुधनी। रोगियों द्वारा उपचार करने वाले दो लोगों की थाना शाहगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा की गई जांच में दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास व अर्थदंड से एक व्यक्ति का दंडित किया गया, वहीं दूसरे को दोषमुक्त किया गया।

तहसील के शाहगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरोपित झोलाछाप डाक्टर पूनम चंद साहू पिता मोहनलाल साहू उम्र 48 वर्ष निवासी वार्ड 7 शाहगंज व डाक्टर एडी सिद्धकी पिता अब्दुल सुभान सिद्धकी उम्र 70 वर्ष निवासी एमआईजी 68 ओल्ड सुभाष नगर भोपाल के विरुद्ध क्षेत्रीय रोगियों के द्वारा थाना शाहगंज में लिखित शिकायत की गई थी, जिस पर तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बृजेश सक्सेना व तत्कालीन तहसीलदार डीएस तोमर, उप तहसील शाहगंज के नायब तहसीलदार अंबर पंथी एवं तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी रामानुज मिश्रा की उपस्थिति में तत्कालीन विकास खंड चिकत्सा अधिकारी डाक्टर विष्णु देशमुख द्वारा झोलाछाप डाक्टर की क्लीनिक की जांच की गई, जिसमें वह धारा 420, 467, 468 एवं आयुर्विज्ञान की धारा 24, 1987 के तहत दोनों डाक्टरों को दोषी पाया गया था। उक्त प्रकरण में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष लोवंसी द्वारा पूनमचंद साहू को दोषी पाते हुए अपने से 37 पन्नाों के आदेश में साक्ष्‌यों के आधार पर 3-3 साल का सश्रम कारावास व दो-दो हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया। दूसरे आरोपित एडी सिद्दीकी को उच्च न्यायालय के आदेश पर दोषमुक्त किया गया है। न्यायाधीश द्वारा न्यायालय में बीएमओ विष्णु देशमुख द्वारा साक्ष्‌य से मुकर जाने के कारण धारा 340 दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के संबंध में धारा 195 सहपठित धारा 340 के तहत साक्ष्‌यों के विरुद्ध धारा 193 के अंतर्गत दंड कार्रवाई के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बुदनी के न्यायालय में परिवाद किए जाने के आदेश दिए हैं। उपरोक्त प्रकरण में रामेश्वर यादव द्वारा शासन की तरफ से पैरवी की गई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close