सीहोर। पिछले माह भोपाल में एक ही परिवार के पांच लोगों ने सूदखोर से परेशान होकर मौत को गले लगा लिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसको लेकर जिला मुख्यायल पर एसपी मयंक अवस्थी ने सख्त कदम उठाते हुए सूदखोरों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है, जिससे कई लोगों को राहत भी मिली हैं, लेकिन सूदखोंर के चंगुल में फंसे कुछ लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इससे पीड़ित लोग जहां शहर छोड़ने को मजबूर हैं, तो कुछ ब्याज देकर अपना सब कुछ खो चुके हैं, जिनके पास अब देने को कुछ नहीं बचा है। 2017 में सूदखोर के खिलाफ आवेदन देने के बाद कुछ लोगों का निराकरण भी कराया गया है, लेकिन एक बार फिर सूदखोर उन्हें परेशान करने लगा है, जिसको लेकर वर्तमान में फिर आधा दर्जन पीड़ितों ने एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है, वहीं कोतवाली पहुंचकर लिखित आवेदन दिए है, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है। जबकि सूदखोर बार-बार पीड़ितों के दूसरे लोगों से चेक लगवाने सहित जान से मारने की धमकी दे रहा है, वहीं दो लोगों से मारपीट भी कर चुका है, जिसको लेकर एक पीड़ित ने कोतवाली में मामला भी दर्ज कराया है।

धमकी से परेशान होकर छोड़ दिया शहर

आमिर पिता स्वर्गीय अनवर ने सूदखोर से 2014 में परिवार की सहायता के लिए दो चेक व हस्ताक्षर सहित कोरा स्टांप देकर 40 हजार रुपये लिए थे, जिसके एवज में 90 हजार रुपये दे चुके हैं, लेकिन सूदखोर एक लाख रुपये और मांग रहा है। इतना ही नहीं एक अन्य व्यक्ति के नाम से मेरा एक लाख रुपये का चेक लगा दिया है, जिसके बाद मुझे बार-बार मिल रही धमकी व माली हालत ठीक नहीं होने के कारण तीन साल से शहर छोड़ना पड़ा है। अब एक बार फिर कोतवाली थाने में आवेदन दिया है, लेकिन 20 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मत्सय पालन का लालच देकर की धोखाधड़ी

विरेंद्र पवार ने बताया कि उक्त सूदखोर ने अपने मुंह बोले भांजे के साथ मिलकर मुझे मत्सय पालन का पांच लाख 55 हजार का प्लान बताया, जिसके बाद तीन लाख कंपनी से लोन कराने व दो लाखा 55 हजार मुझे देने थे, जिसमें से 1 लाख पांच हजार मैंने नगद अपने पास से दिए और डेढ़ लाख रुपये सदूखोर ने मेरी कार अर्टिका गिरवी रखकर ले लिए और हर माह मुझसे 15 हजार ब्याज लेने लगा। इतने से जब सूदखोर का मन नहीं भरा तो मेरी कार का दबाव बनकार अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखवा दी और सूदखोर ने एक लाख रुपये उससे ले लिए। इतना ही नहीं मेरे व पत्नी के नाम के दो चेक लिए। मेरा चेक दो लाख का मुह बोले भांजे व पूरे मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले के नाम लगा दिया। जबकि डेढ़ लाख में से 75 हजार दे चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी सूदखोर ने दो लाख का चेक लगा दिया है।

50 हजार के 1.40 लाख दिए, फिर भी लगाया पांच लाख का चेक

मुकेश राय पिता चोखेलाल राय निवासी सुदामानगर गंज सीहोर ने बताया कि उक्त सूदखोर से 50 हजार लेने के बाद 1 लाख 40 हजार नगद देने सहित एक आधा तोले की सोने की अंगूठी दे चुके हैं, लेकिन मेरे द्वारा दिए गए चेक को सूदखोर ने अपने नाम से पांच लाख रुपये राशि भरकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। बीते कई दिनों से अब सूदखोर मुझे जेल भेजने, पिटवाने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा है। कोतवाली पुलिस को मैंने आवदेन देकर न्याय की गुहार लगाई है। यदि मुझे समय रहते न्याय नहीं मिला तो मेरे पास मौत को गले लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इसी तरह मनोज किंगर से 20 हजार के एक लाख रुपये लेने के बाद भी दो अन्य व्यक्तियों के नाम पर न्यायालय में दो-दो लाख के दो चेक प्रस्तुत कर चुका है। जबकि एलम सिंह परमार से एक लाख के ढाई लाख लेने के बाद तीन लाख और मांगे जा रहे थे। जब नहीं दिए तो दो अन्य व्यक्तियों के नाम पर चेक लगा दिए और मारपीट भी की गई, जिसमें कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर सूदखोर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जमानत दे दी गई।

मकान बनकार नहीं दिए पैसे, तो खा ली थी नीद की गोली

अंकित राठौर निवासी कस्बा ने बताया कि उसने उक्त सूदखोर के मकान का इंटीरियर किया था, जिसके एवज में चार लाख रुपये में से एक लाख 55 हजार देने के बाद 2 लाख 45 हजार रुपये नहीं दिए, जिससे परेशान होकर नीद की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन परिवारजनों ने समय पर उपचार कराकर उसकी जान बचा ली।

जिन पीड़ितों ने मेरे खिलाफ आवेदन दिए है, उनसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैं चूकि अधिवक्ता हूं। इसलिए लोगों के मामलो की पैरवी कर रहा हूं, जिनके खिलाफ शिकायत न करते हुए पीड़ितों ने मेरे खिलाफ शिकायत की है। जबकि मैंने उक्त मामलों की फाइल भी लौटा दी है। इससे पहले भी मेरी शिकायत की थी, जिसको लेकर शिकायतकर्ताओं को एसडीएम कोर्ट में फटकर भी लगाई गई थी।

विरेंद्र सिंह तोमर, अधिवक्ता

एसपी सर के निर्देशन में सूदखोरो के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उक्त मामले के जो शिकायती आवेदन कोतवाली में दिए गए हैं, उनकी पुलिस जांच कर रही है। जो भी पीड़ित पक्ष होगा उसको न्याय दिलवाया जाएगा।

समीर यादव, एएसपी

Posted By: Nai Dunia News Network

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