सीहोर। देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सैनानियों को शहीद समाधी स्थल पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने श्रद्धांजली अर्पित की। इस अवसर पर संगीतिका संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति की अपील पर शुक्रवारको समाधी स्थल पर आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के समाजसेवी, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग, नागरिक गण पहुंचे थे। सभी ने सामुहिक रूप से यहां क्रांतिकारी सैनिकों को पुष्पांजली अर्पित की।

सर्वप्रथम उपस्थितजनों से समाधी पर पुष्पांजली अर्पित की। पूर्व विधायक इछावर शैलेष पटेल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य आरके बांगरे, समिति अध्यक्ष ओमदीप ने यहां अपने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक व समिति के महामंत्री आनंद गांधी ने 1857 की क्रांति के इतिहास का स्मरण किया और बताया कि इतिहासकारों ने सीहोर की क्रांति को मालवा का जालियावाला बाग काण्ड लिखा है। यहां 14 जनवरी 1858 को जनरल ह्यूरोज ने सामुहिक रूप से करीब 356 से अधिक क्रांतिकारियों को एक साथ गोलियों से भून दिया था। यह इतिहास दिल्ली गजट 1857, किताब हयाते सिकन्दरी सहित सभी ऐतिहासिक किताबों में उल्लेखित है। संगीतिका संगीत महाविद्यालय के छात्रों की सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी, जिसकी सभी सराहना की। गुरुजी मांगीलाल ठाकुर व सभी बच्चों को बहुत प्रसन्नाता से सभी ने शुभकामना दी। श्रद्धांजली देने में नगर के हर वर्ग के जनप्रतिनिधि, अधिकारी वर्ग, समाजसेवी, स्थानीय नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएं अनेक सामाजिक संस्थाएं आदि लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी राष्ट्रगान गाकर शहीदों को नमन किया।

कलेक्टर ने शहीद क्रांतिकारियों को पुष्पांजलि अर्पित की

समाधि स्थल पहुंचकर कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर ने 14 जनवरी 1858 को शहीद हुए क्रांतिकारियों को पुष्पांजली अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की प्रथम क्रांति 1857 के इन क्रांतिकारियों ने दमनकारी ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आजादी का बिगुल फूंका और अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होनें कहा कि इस स्थान पर कार्यक्रम आयोजन के लिए व्यवस्थित ग्राउण्ड बनाया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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