फोटो 12

सीहोर। आईसीडीएस सीहोर शहरी परियोजना की वार्ड 7 की समस्त कार्यकर्ताओं ने शासकीय कन्या महाविद्यालय सीहोर में राष्ट्रीय पोषण आहार माह के उपलक्ष्य में फू ड मिरामिड की रंगोली बनाई, जिसमें पर्यवेक्षक अल्का सिटैके की उपस्थिति में कार्यकर्ता कृष्णा परमार, यशीता, रेखा ललिता के द्वारा रंगोली के माध्यम से शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को मात्रानुसार प्रदर्शित कि या गया।

000000000

रुक्मिणी और श्रीकृष्ण विवाह पति-पत्नी के सच्चे प्रेम का प्रतीक

फोटो 11 सीहोर।

सीहोर। भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह एक आदर्श विवाह है। रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी हैं श्रीकृष्ण साक्षात नारायण है। रुक्मिणी और श्रीकृष्ण का विवाह संसार को सच्चे प्रेम का संदेश देता है। भगवान की जो भक्ति करते हैं। भगवान उनके दुखों को दूर करते हैं। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का विवाह आज के युग में पति-पत्नी में अटूट प्रेम का संदेश देता है। यह विचार शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल पंचायती भवन में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के छठवें दिन कथा वाचक ने कहे।

कथा के छठवें दिन शुक्रवार को कथा वाचक ने रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग का विस्तार से वर्णन कि या। उन्होंने कहा कि जब रुक्मिणी विवाह योग्य हुई। रुक्मिणी के पिता भीष्मक उनके विवाह की चिंता करने लगे। लोग रुक्मिणी के पास आते और कृष्ण की प्रशंसा करते। इस पर रुक्मिणी ने निश्चय कि या कि वह विवाह के वल श्रीकृष्ण से ही करेंगी, लेकि न उनके भाई को यह बात मंजूर नहीं थी। उनके भाई श्रीकृष्ण से बैर रखते थे। वह उनका विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मिणी ने यह संदेश एक ब्राह्मण के माध्यम से द्वारिका में कृष्ण को भेजा व उनसे विवाह की इच्छा जाहिर की। संदेश पाकर कृष्ण कु ंडनीपुर की तरफ चल दिए। रुक्मिणी जैसे ही गिरिजा मंदिर पहुंची, कृष्ण ने उन्हें अपने रथ पर सवार कर लिया। यदुवंशियों ने उन्हें रोककर युद्ध कि या। शिशुपाल पराजित हो गए। बाद में द्वारिका जाकर कृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह कि या। कथा में भगवान श्रीकृष्ण व रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह स्वांग रचाया गया। कथा के चौथे दिवस श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव और पांचवें दिवस गोवर्धन की पूजन कर छप्पन भोग का वितरण कि या गया था। शुक्रवार को कथा में आस्था और उत्साह के साथ माता रुक्मिणी और श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। शनिवार को कथा का समापन कि या जाएगा। अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष ज्योति अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को कथा का समापन कि या जाएगा। इसके अलावा सुदामा चरित्र का वर्णन कि या जाएगा। मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से कथा का श्रवण करने की अपील की है।