चंदेरी सहित 25 ग्राम के लोगों ने बिजली समस्या को लेकर अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

फोटो 01 सीहोर। बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एडीएम विनोद चतुर्वेदी को दिया ज्ञापन। नवदुनिया।

सीहोर। लॉकडाउन के बाद पहली बार मंगलवार को जनसुनवाई में ग्रामीणों की बिजली कटौती की समस्या को लेकर ज्ञापन लिया गया। अभी तक जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को पेटी में डलवाया जा रहा था, लेकि न मंगलवार को समाज सेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों कि सानों व ग्रामीणों ने शारीरिक दूरी के साथ मास्क लगाकर विद्युत समस्या को लेकर अपर कलेक्टर वीके चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि दो माह से फाल्ट के नाम पर हो रही कटौती से 24 घंटे की जगह 6 से 8 घंटे की लाइट आती है। इतना ही नहीं दिनभर में सब स्टेशन के तहत आने वाले करीब 25 गांव में कई बार कटौती होती है। इससे लोग उमस व अंधकार से परेशान हो रहे हैं, वहीं रात के समय फाल्ट होने पर तो पुरी रात ही बिजली नहीं मिलती है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने जल्द ही समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया।

बिजली समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में मंगलवार को अपर कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि तत्काल बिजली की समस्या का हल कि या जाए। बरखेड़ी सब स्टेशन पर रात में एक कर्मचारी ही पूरा सब स्टेशन सम्भाल रहा है, वहां पर कर्मचारी बढ़ाए जाएं, जिससे यदि रात में लाइट फाल्ट होती है, तो एक सब स्टेशन को संभाले व अन्य कर्मचारी लाइट का फाल्ट दुरुस्त कर दे। बिजली समस्या को लेकर कई बार समाज सेवी मेवाड़ा ने ऊर्जा मंत्री से लेकर प्रमुख सचिव ऊर्जा मंत्रालय बल्लवभवन व विद्युत मण्डल के महाप्रबंधक को भी अवगत करा चुके हैं, लेकि न समस्या का निदान नहीं हो पाया। जिस पर मजबूरन ग्रामीणों ने मेवाड़ा के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पिछले दो माह से हो रही कटौती को लेकर ग्रामीणों में आक्रोष पनप रहा है। रात के समय कि सी गांव में फाल्ट हो जाता है तो लाईन मेन नहीं आते हैं और न ही कोई विद्युत के कर्मचारी अधिकारी फोन तक सुनने को तैयार हैं। इस समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। जिस पर अपर कलेक्टर वीके चतुर्वेदी ने श्री मेवाड़ा को आश्वासन दिया है कि तत्काल इन सभी गांवों की लाइट की समस्या को हल कि या जाएगा और रात के समय बिजली कर्मचारी बढ़ाई जाने की समस्या का हल करेंगे।

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कांग्रेस ने मनाया काला दिवस : तहसील चौराहे पर की नारेबाजी

कांग्रेसजनों ने रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, लोकतंत्र में तानाशाही का लगाया आरोप।

फोटो 02 सीहोर। एसडीएम आदित्य जैन को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेसजन। नवदुनिया।

सीहोर। मंगलवार को कांग्रेसजनों ने काला दिवस के रुप में मनाया और शहर के तहसील चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कें द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ जंगी प्रदर्शन कर नौ सूत्रीय ज्ञापन तहसील कार्यालय पहुंचकर सौंपा है। जिसमें उल्लेख कि या गया है कि कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को गिराने के मंगलवार को 100 दिन पूरे हो गए। सरकार गिराने के पीछे भाजपा की साजिश थी। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सांवेर में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में ये बात स्वीकार कर चुके हैं। भाजपा इसे अपनी उपलब्धि गिनाने में लगी है। हमने इसे लोकतंत्र की हत्या का काला दिवस मनाने का निर्णय लिया है। जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग के जिलाध्यक्ष राजेश भूरा यादव ने बताया कि देश की मोदी सरकार और प्रदेश की शिवराज सरकार ने तानाशाही पूर्वक जनता को महंगाई की आग में झोंक दिया है। देश में कोरोना संक्रमण के दौरान में हर रोज महंगाई बढ़ती जा रही है और मोदी सरकार सच बोलने और विरोध करने वालों को देश विरोधी बता रहे है। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा सरकार की विफलताओं को भी जनता तक ले जाएंगे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाए कि पूर्व सरकार के कि सान कर्ज माफी से लेकर दूसरे फै सलों में मौजूदा सरकार अड़ंगा लगा रही है। प्रदेश और देश की सरकार जनविरोधी है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता ओमदीप, राके श राय, ओम वर्मा, दर्शन सिंह वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, मोहम्मद शमीम, कु तुबुद्दीन शेख, प्रीतम चौरसिया, हफीज चौधरी, हरीश आर्य, बृज खत्री, अजहर सईद, मुन्ने मियां, अनीस कु रैशी, मांगीलाल टिमराई, धर्मेंद्र रैकवार, लोके न्द्र वर्मा, अजय रैकवार, हरीश दिसोरिया, नावेद खान, महमूद अली, फरीद खां, अजीज खां, अशरफ अली, तौशीफ, जहीर, लतीफ खां, शुभम यादव, छोटू यादव, रवि धूत, दशरथ सिंह परमार बिलकि सगंज, संतोष माहेश्वरी बोरखेड़ा, कमल सिंह मेवाड़ा, देवनारायण वर्मा जावर, कमल पहलवान जावर, कै लाश मालवीय बुधनी आदि शामिल थे।

पूर्व सीएम कमलनाथ के पुतले दहन का विरोध

कांग्रेसजनों ने बताया कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने ईमानदारी और निष्ठा से अपने दायित्व का निर्बाह कि या है। उन्होंने हमेशा विकास पर जोर दिया है प्रदेश में कि सानों, गरीबो दलितों और ओबीसी के लिए साहसिक कार्य कि ए हैं। जिससे प्रदेश की जनता का विश्वास कांग्रेस के साथ बढ़ा है। इससे भाजपा को अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही हैं। भाजपा के झूठे कारनामों को जनता समझने लगी है। यही कारण है की भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए कमल नाथ की लोकप्रियता से भयभीत हो कर कमल नाथ का पुतला जला कर महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक दीवालियापन, अराजकता, भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओ से बचने का प्रयास कर रही है।

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जमोनिया और भगवानपुरा तालाब गेट सुधाने में बह गई लाखों मछलियां

जमोनिया तालाब से बह गया 150 क्विंटल मछली का बीज, आसपास के गांव में फै ल रही बदबू

फोटो 03 सीहोर। नहर में बही मछलियां। नवदुनिया।

सीहोर। पिछले साल बारिश के मौसम में जमोनिया और भगवानपुरा के पानी निकासी के गेट खराब हो गए थे। लेकि न जुगाड़ से तालाबों में पानी रोकने के लिए गेट जैसे तैसे बंद रहे। गर्मी का सीजन निकलने के बाद अब दोनों तालाबों के गेट सुधारने के लिए तालाबों के पानी को खाली कि या गया है। जिससे दोनों तालाबों से लाखों मछलियां बहकर नहरों में चली गई और मर गईं। इससे मछली पालन कर रहे ठेके दारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं मछलियों के मारने से ग्रामीण क्षेत्रों में बदबू फै ल रही है। दोनों तालाबों के गेट में तकीनीकी खराबी को ठीक कर दिया गया है। जिससे इस साल होने वाली बारिश के पानी को संरक्षित कि या जा सके ।

जमोनिया तालाब के जल गेट में खराबी आने के कारण करीब डेढ़ महीने पहले भी मरम्मत की गई थी। इसके बाद कि सानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा था। इसके चलते जल द्वार में फिर से खराब आ गई थी। इससे चार दिनों में करीब दो इंच पानी नाले में बह गया था। इसी तरह भगवानपुरा तालाब में भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। पिछले साल बारिश के मौसम ही जमोनिया तालाब और भगवानपुरा का गेट खराब होने से नहर में क्षमता से अधिक पानी बह रहा था। आगे से नहर न फू टे व आसपास के कि सानों की फसलों को नुकसान न हो इसके लिए जल संसाधन विभाग ने जमोनिया के पानी को पारवा नाले में डायवर्ट कर दिया था। जिससे कि सानों की फसलों को नुकसान नहीं हुआ था। लेकि न अब जमोनिया तालाब का गेट सुधारने के दौरान लाखों मछलियों के बच्चे नहर में बह गई। मछलियों के मरने से ग्राम जमोनिया और मंगावली में बदबू फै ल रही है।

नहर में बह गया मछली का 150 क्विंटल बीज

पिछले साल बारिश के मौसम में जमोनिया तालाब ओवर फ्लो होने के कारण लाखों रुपये की मछली बह गई थी। इसके बाद वेस्ट वेयर का जाली लगा कर रोकना पड़ा था। इसी तरह भगवानपुरा तालाब के वेस्ट वेयर से मछलियां बह गई थीं। इससे ठेके दार को नुकसान उठाना पड़ा था। जमोनिया तालाब गेट खुलने के दौरान तीन दिन पहले मछलियां का 150 क्विंटल बीज यानी मछलियों के छोटे बच्चे बह गए।

दोनों तालाबों के गेट में कि या गया है सुधार

सिंचाई विभाग के एसडीओ ताहिर अली का कहना है कि सीहोर शहर में जमोनिया और भगवानपुरा तालाब से पानी की सप्लाई की जाती है। कि सानों के अलावा शहर वासियों को देने के लिए पर्याप्त पानी संरक्षित कि या जा सकता है। दोनों तालाबों गेट में सुधार कि या गया है। इस बारिश में दोनों तालाबों में पर्याप्त पानी जमा हो जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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