सीहोर। हनुमान फाटक परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को निर्धन अनाथ कन्या को सैकड़ों मां बाप मिल गए। हुनमान जी महाराज और सैकड़ों श्रद्धालु इस विवाह के साक्षी बने। श्रीमद्भागवत कथा में भागवत भूषण पंडित रविशंकर तिवारी ने रुक्मिणी श्रीकृष्ण हरण प्रसंग के साथ सीहोर की निशा और इंदौर के विकास का विवाह संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने दुल्हे को भगवान श्री कृष्ण और दुल्हन निशा को माता रुक्मिणी मानकर पेर पुजाई रस्म निभाई और कन्यादान कर बेटी को विदा किया। विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू झलक पड़े।

रविवार को श्रीमदभावत कथा पंडाल में पंडित रविशंकर तिवारी के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रासलीला का आकर्षक सुंदर मनमोहक प्रसंग सुनाया। भगवान के विवाह की कथा प्रस्तृत की। कथा पंडाल में रास खेला गया रास में भगवान शिव भेष बदल कर पहुंचे और राधा श्रीकृष्ण संग रास खेला अनेक मधुर भजनों पर श्रद्धालु महिलाएं और युवक थिरकते रहे। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नागरिक कथा का श्रवण करने पंडाल में पहुंचे। कथा पंडाल में हनुमान चालीसा पाठ भी किया गया। हनुमान चालीसा पाठ में महिला श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया। कस्बा निवासी बचपन में अपने माता पिता को खौ चुकी बहन के यहां रह रही निशा का विवाह इंदौर निवासी वर विकास से कथा पंडाल में व्यास गादी के समक्ष हनुमानजी महाराज और समस्त देवी देवताओं और भगवान के सैकड़ों भक्तों को साक्षी मानकर पंडित रविशंकर तिवारी और पंडित हरीश तिवारी के द्वारा सम्पन्ना कराया गया। अनेक दानदाताओं ने निशा के माता पिता बनकर कन्यादान किया। हनुमान फाटक परिसर में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन राधे महिला मंडल के द्वारा किया कराया जा रहा है। कथा के मुख्य यजमान हुनमान जी महाराज हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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