सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कोर के अलावा अब सैलानियों के बफर में सफर के प्रति रुझान दिख रहा है। इसी के चलते बफर में सफर बढ़ रहा है। खास बात यह कि बफर क्षेत्र में भी सैलानियों को दुर्लभ वन्यप्राणियों के दीदार नजदीक से हो रहे है।हाल ही में गणना के लिए की गई कार्रवाई में पार्क के बफर क्षेत्र में बाघ व तेंदुआ बड़ी संख्या में होने के साक्ष्‌य मिले है।इससे बफर में सफर और अधिक बढ़ सकता है।बफर में सफर बढ़ने से न केवल पार्क की आय बढ़ रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

2021 से बफर में बढ़ा सफरः पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र में वर्ष 2021 से सैलानियों की संख्या बढ़ रही है।वर्ष 2020 के जुलाई से दिसंबर माह तक केवल 8353 सैलानी ही बफर में सफर करने पहुंचे थे।इनसे पार्क प्रबंधन को करीब 23 लाख रुपये की आए हुई थी।वही वर्ष 2021 के जनवरी माह से नवंबर माह तक 37385 सैलानी बफर में सफर कर चुके हैं।जनवरी 2021 में खवासा गेट, तेलिया नेचर ट्रेल, घाटकोहका, रुखड़ व कुंभपानी आदि बफर क्षेत्रों में 5414 सैलानी बफर में सफर व नेचर ट्रेल का लुत्फ उठाने पहुंचे थे।इनसे पार्क प्रबंधन को 14 लाख रुपये से अधिक की आय हुई थी।वही जब जुलाई माह में पार्क कोर क्षेत्र में सफारी बंद थी, तब बड़ी संख्या में सैलानी बफर में सफर का लुत्फ उठाने पहुंचे।इस माह 20375 सैलानियों ने बफर में सफर किया।इनसे पार्क प्रबंधन को 51 लाख 41 हजार रुपये की आय हुई।इसके अलावा फरवरी 2021 में भी 2068 सैलानी बफर क्षेत्र में सफारी करने पहुंचे।इनसे 5 लाख 66 हजार रुपये की आय पर प्रबंधन को हुई।

बफर में यह गतिविधियां भी कर रही सैलानियों को आकर्षितः पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र में नेचर ट्रेल, नाइट सफारी, मचान में कैंपिंग, साइकिलिंग आदि गतिविधियां भी सैलानियों को आकर्षित कर रही है।इसके अलावा बफर क्षेत्र के तेलिया के जंगल में कई बार काला तेंदुआ सैलानियों को दिखाई दे रहा है, जो भेड़िया बालक मोगली की पटकथा के पात्र बघीरा की याद ताजा कर रहा है।जुलाई माह में काफी देर यह काला तेंदुआ सैलानियों को पेड़ में बैठा दिखाई दिया था। इसके अलावा बाघ समेत अन्य दुर्लभ वन्य प्राणी भी अब पार्क के बफर क्षेत्र में सैलानियों को नजदीक से दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि पार्क के कोर क्षेत्र के अलावा अब बफर क्षेत्र में भी सैलानियों की काफी संख्या बढ़ रही है।

ग्रामीणों को मिल रहा रोजगारः पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर में सफर को बढ़ावा मिलने से ना केवल पार्क प्रबंधन की आय बढ़ रही है बल्कि बफर क्षेत्र में स्थित गांव के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।जानकारी के मुताबिक बफर क्षेत्र में केवल आसपास के ग्रामीणों को ही जिप्सी चलाने का अधिकार दिया गया है।वही गाइड भी स्थानीय ग्रामीण पेंच पार्क से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 40 ग्रामीण बफर क्षेत्र में जिप्सी चलाकर रोजगार पा रहे हैं।वही करीब 50 ग्रामीण सैलानियों को गाइड कर अपनी बेरोजगारी दूर कर रहे हैं।इसके अलावा कुछ ग्रामीणों ने होटल आदि भी खोले हैं जहां सैलानी पहुंच रहे हैं।इनसे भी ग्रामीणों को आए हो रही है।

इनका कहना है

पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र में दुर्लभ वन्य प्राणी सैलानियों को दिखाई दे रहे हैं।बफर में सफर की योजना के तहत अब बड़ी संख्या में सैलानी बफर क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।इससे बफर क्षेत्र के गांव के ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।

अशोक कुमार मिश्रा,

फील्ड डायरेक्टर, पेंच राष्ट्रीय उद्यान।

Posted By: Nai Dunia News Network

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