सिवनी(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्यालय से नागपुर रोड़ में स्थित नंदौरा गांव के ग्रामीण इन दिनों बंदरों के आंतक से दहशत में है। हालत यह है कि ग्रामीण बंदरों के डर के कारण घरों से निकलने में भी डर रहे है। अनेक घरों के कवेलू बंदरों ने क्षतिग्रस्त कर दिए है, वहीं ग्रामीणों पर हमला करने के लिए दौड़ रहे है। वन विभाग ने केवल गांव में पहुंचकर समझाइश दी है। समस्या का स्थाई निराकरण नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों ने बताया है कि बीते कुछ दिनों से गांव में बंदर 30 से 35 की संख्या में झुंड बनाकर घूम रहे है। गांव के कवेलू वाले मकानों में ये बंदर कूद रहे है। इससे कवेलू क्षतिग्रस्त हो गए है। साथ ही अन्य सामाग्री को बंदर नुकसान पहुंचा रहे है। पूरे गांव में बंदरों के कारण भय का वातावरण निर्मित हो गया है।

बच्चों, महिलाओं में ज्यादा दहशत-

बंदरों के आंतक से गांव के बच्चों व महिलाओं में ज्यादा दहशत देखी जा रही है। बच्चें घर के आंगन व सड़क पर खेलने से डर रहे है। वहीं महिलाएं भी घर से बाहर निकलने में कतरा रही है। गांव के ग्रामीण जरूरी काम होने पर ही जोखिम उठाकर घरों से निकल रहे है। इन पर हमला करने के लिए बंदर दौड़ रहे है।

उड़नदस्ते पर भी दौड़े बंदर-

ग्रामीणों ने बंदरों के आंतक की सूचना सीएम हेल्प लाइन सहित रेंजर हीरेन्द्र बघेल को दी। इस पर गांव में उड़नदस्ता दल पहुंचाया गया। इस दल में ड्रायवर समेत केवल तीन कर्मचारी शामिल थे। जब उड़लदस्ता दल के कर्मी गांव में मुआयना कर रहे थे तभी बंदर उड़नदस्ता दल पर ही हमला करने दौड़े। किसी तरह बंदरों को दूर भगाया गया।

मौके पर बनाया पंचनामा, दी समझाइश-

उड़लदस्ता दल ने मौके पर ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा बनाया साथ ही ग्रामीणों को बंदरों से सतर्क रहने की समझाइश दी। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का अमला केवल खानापूर्ति कर चला गया है। उन्हें बंदरों से अब भी छुटकारा नहीं मिला है। बंदरों के आंतक के कारण उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे है।

बम फोड़ने, लकड़ी लेकर चलने की दी हिदायत-

उड़लदस्ता दल ने बंदर के आंतक को देखते हुए ग्रामीणों को बम फोड़ने व घर से बाहर निकलने पर हाथ में लकड़ी रखने की हिदायत दी है। घर के छत पर आने पर सुरक्षा के लिए बम फोड़कर बंदरों को भागने की समझाइश तो उड़लदस्ता दल ने दी है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे हर दिन बम कहा से लाएंगे। दिन भर बंदर उत्पाद मचाते है ऐसे में बम (पटाखा)बड़ी मात्रा में फोड़ने पड़ेगें। इससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझा पड़ेगा। ग्रामीणों ने बंदरों के आंतक से छुटकारा दिलाने व नुकसानी का मुआवजा दिलाने की मांग की है।

इनका कहना है

हम बंदरों को सिर्फ भगा सकते है, इसके अलावा कोई कार्रवाई नही की जा सकती है। बंदरों से सतर्क रहन के लिए ग्रामीणों को समझाइश दी गई है।

हीरेन्द्र बघेल

वन परिक्षेत्र अधिकारी, सिवनी

Posted By: Nai Dunia News Network

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