सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की अंतिम तिथि 20 जनवरी को समाप्त हो गई है।वहीं जिले के करीब 17 हजार ऐसे पंजीकृत किसान है जिनसे धान नहीं खरीदा गया है।इन किसानों का धान अब भी खरीदी केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे असुरक्षित रखा हुआ है।वहीं अब किसानों में धान न बिकने के कारण आक्रोश देखा जा रहा है। शुक्रवार को अनेक खरीदी केंद्रों में विवाद की स्थिति बनते रही।

शाम को पहुंचे अधिकारीः धान उपार्जन के लिए जिले के 81073 किसानों ने पंजीयन कराया था।नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी के मुताबिक अंतिम तिथि 20 जनवरी तक 64477 किसानों से धान खरीदा गया है। वही 16596 किसान अब भी खरीदी केंद्रों में धान बेचने के लिए परेशान हो रहे है।कुछ समिति प्रबंधकों ने बताया कि इन किसानों की धान की तुलाई नहीं हो पाई है। शुक्रवार को जिम्मेदार अधिकारियों ने समिति प्रबंधकों को निर्देश दिए थे कि जब तक केंद्र में कोई अधिकारी नहीं पहुंचे, तब तक किसानों की धान कि तुलाई न की जाए। जिले के लखनादौन सहित अन्य क्षेत्रों में धान उपार्जन केंद्रों में अधिकारी शाम 4 बजे पहुंचे।इसके कारण पूरे दिन किसानों की धान की तुलाई नहीं हो सकी।

परेशान हुए हम्माल, मांगी मजदूरीः किसानों के साथ धान उपार्जन में बरती जा रही मनमानी के कारण हम्माल भी परेशान हो रहे है।समिति प्रबंधकों ने बताया कि समय पर धान तुलाई की कार्रवाई के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे इससे हम्माल भी बिना काम परेशान होते रहे। वही शाम होने के बाद हम्माल अपनी मजदूरी मांगने एकजुट हो गए।हम्मालों का कहना था कि वह सुबह से अपने काम पर आ गए थे लेकिन तुलाई के निर्देश नही दिए गए इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। उन्हें पूरे दिन की मजदूरी मिलनी चाहिए।

जारी नहीं हुआ मैसेजः जिले में इस बार 29 नवंबर से धान उपार्जन का काम शुरू किया गया था। वही कई उपार्जन केंद्रों में 12 दिसंबर तक बारदाने नहीं पहुंचे इससे खरीदी का काम प्रभावित हुआ।वहीं अचानक बदले मौसम के कारण हुई बारिश से भी धान खरीदी प्रभावित रही।इस दौरान जिन किसानों को धान बेचने के मैसेज आए थे। वे किसान उस तिथि को धान नही बेच पाए। ऐसे अनेक किसानों को दूसरी बार मिलने वाले मैसेज मिले ही नहीं।इसके कारण ये किसान समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाए है।इन किसानों को उपार्जन केंद्रों में रखे धान की सुरक्षा को लेकर परेशान होना पड़ रहा है।

अब टोकन मिलने का इंतजारः धान उपार्जन की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद शेष रह गए किसान टोकन मिलने का इंतजार कर रहे है। शु्‌क्रवार को टोकन जारी नहीं किए गए।वही खरीदी का पोर्टल बंद होने से भी किसानों को धान बेचने दिक्कतों का सामना करना पड।कुछ किसानों ने बताया कि उन्हें खरीदी की अंतिम तारीख 20 जनवरी को ही केंद्र में जाकर धान बेचने का मैसेज मिला था।मैसेज मिलते ही वह केंद्र पहुंच गए थे लेकिन उनका धान नहीं बिक पाया। अब उन्हें टोकन दिए जाने की बात की जा रही है लेकिन वह भी नही मिल पाया है।

इनका कहना है

खरीदी की अंतिम तारीख 20 जनवरी तक जिले के 121 खरीदी केंद्रों में 64477 किसानों से धान उपार्जन किया गया है।शेष किसानों को टोकन देने के लिए कार्रवाई की जा रही है।इसके लिए भोपाल से स्वीकृति मांगी जा रही है।

विख्यात हिंडोलिया

डीएम नागरिक आपूर्ति निगम।

Posted By: Nai Dunia News Network

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