छपारा/सिवनी (नईदुनिया न्यूज)। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की मनमाने रवैये से ना केवल विद्यार्थियों का अध्यापन प्रभावित हो रहा है।बल्कि शैक्षिणक स्तर भी गिरता जा रहा है।शिक्षा अधिकारियों की हिदायत व कार्रवाई की चेतावनी भी बेअसर साबित हो रही है।आलम यह है कि सरकारी शिक्षक दोपहर 12 बजे औपचारिकता निभाने पहुंचते हैं और दोपहर 3 बजे स्कूल में ताला लगाकर लौट जाते हैं।शिक्षकों इस कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों के अभिभावक और ग्रामीण भी त्रस्त हैं।

पहली बैठक में रखा प्रस्तावः शिक्षकों की इस लापरवाही को रोकने जिले की जनपद पंचायत छपारा की ग्राम पंचायत लकवाह में नवनिर्वाचित सरपंच सहित सभी पंचों व ग्रामीणों ने 16 अगस्त को ग्राम सभा की पहली बैठक में शिक्षकों को तय समय तक स्कूल में बच्चों को अध्यापन कराने का बकायदा प्रस्ताव पारित किया है।ग्रामीणों की सहमति जारी पारित प्रस्ताव में प्रायमरी, मिडिल, हाइस्कूल व हायर सेकंडरी के शिक्षकों को समय पर आने की हिदायत देने और निर्धारित समय सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक स्कूल में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को अध्यापन कराने की चेतावनी देने की बात कही है, ताकि यहा अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर पर में सुधार हो सके।

गिरता जा रहा है शिक्षा का स्तरः पंचायत के लकवाह गांव में मंगलवार को ग्राम सभा की बैठक पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई।इसमें नवनिर्वाचित सरपंच सुकमानसा मरकाम, उपसरपंच, पंच व ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ग्राम सभा की प्रथम बैठक में सर्वसम्मति से ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित किया कि, पंचायत क्षेत्र के संचालित स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के स्कूल आने जाने कोई समय निर्धारित नहीं है।इससे यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है।शिक्षकों को स्कूल में सुबह 10.30 बजे उपस्थित होना चाहिए, लेकिन शिक्षक दोपहर 12 बजे गांव में बस पहुंचने पर आते हैं।वहीं स्कूल शाम 4.30 बजे बंद होना चाहिए कि, लेकिन ज्यादातर शिक्षक दोपहर 3 बजे लौट जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि, शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित होकर पढ़ाई कराएं।ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव से प्रायमरी से हाइस्कूल के शिक्षकों को अवगत करा निर्धारित समय तक स्कूल में रहकर अध्यापन कराने कहा गया है।

क्यों लेना पड़ा प्रस्तावः पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि, ग्रामीणों की मांग के अनुसार ग्राम सभा की बैठक में शिक्षकों का अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन कराने प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है।क्योंकि दूरस्थ लकवाह गांव में निवारी सहित आसपास के कई गांव से विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते हैं।शिक्षकों के छपारा, सिवनी और बरघाट से स्कूल आने-जाने के कारण समय निर्धारित नहीं रहता। इसके चलते क्षेत्र में निजी स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका आर्थिक भार गरीब अभिभावकों पर पड़ रहा है।नवनिर्वाचित सरपंच द्वारा लिए गए निर्णय से ग्रामीणों ने हर्ष है।ग्रामीणों के मुताबिक, एक दो शिक्षकों को छोड़कर प्रायमरी से लेकर हायर सेकंडरी स्कूल के ज्यादातर शिक्षक कई किलोमीटर दूर का समय तय अपनी उपस्थिति दर्ज कराने स्कूल पहुंचते हैं।सबसे ज्यादा खराब स्थिति प्रायमरी व मिडिल स्कूलों की है।निवारी गांव में पदस्थ दो शिक्षक कई किलोमीटर दूर बरघाट क्षेत्र से हर दिन स्कूल पहुंचते हैं।

इनका कहना है

निर्धारित समय पर स्कूल में शिक्षकों के नहीं रहने के कारण क्षेत्र के बच्चों का अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है।ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों ने इस मामले में प्रस्ताव पारित कर शिक्षकों को निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित रहकर विद्यार्थियों को अध्यापन कराने की बात कही है।ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव से शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है।

सुकमानसा मरकाम, सरपंच

ग्राम पंचायत लकवाह

हाइस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल निर्धारित समय 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक नियमित रूप से खुलता है। सभी शिक्षक समय स्कूल पहुंचकर अध्यापन कराते हैं, कोई भी किसी भी समय स्कूल पहुंचकर यह देख सकता है।एक शाला- एक परिसर में प्रायमरी व मिडिल स्कूल शामिल नहीं है। इसके लिए उन पर हमारा नियंत्रण नहीं है।

बीके उपाध्याय, प्रभारी प्राचार्य

हायर सेकंडरी स्कूल लकवाह

Posted By: Nai Dunia News Network

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