सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आदिवासी बाहुल्य कुरई विकासखंड के पीपरवानी में समर्थन मूल्य पर 45 दिन पहले बेचे गए धान का भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसान दुर्गा प्रसाद डहरवाल ने अधिकारियों से उपार्जित 148.80 क्विंटल धान वापस लौटाने की मांग की है। 28 जनवरी शुक्रवार को कलेक्टर को सौंपी गई लिखित शिकायत में पीड़ित किसान ने कहा है कि, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पीपरवानी के उपार्जन केंद्र में उसने अपने खेत का 148.80 क्विंटल धान 13 दिसंबर 2021 को बेचा था।बेचे गए धान का भुगतान अब तक किसान को नहीं दिया गया है।किसान का कहना है कि धान का 2,88,672 रुपये का भुगतान नहीं मिलने से उसे मानसिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नहीं किया शिकायत का निराकरण- किसान ने बताया कि, उपार्जित धान का भुगतान नहीं मिलने पर 10 जनवरी को सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्र. 16369537 दर्ज कराई गई थी। वहीं 24 जनवरी को कलेक्टर कार्यालय में लिखित आवेदन देकर समस्या का निराकरण कर धान का लंबित भुगतान कराने की मांग की गई थी। 24 जनवरी को कलेक्टर को दिए आवेदन में पीड़ित किसान ने 6 फरवरी को परिवार में भतीजी का विवाह तय होने की बात कहते हुए धान का भुगतान कराने की मांग की गई थी।इसके बाद भी समस्या का निराकरण अब तक नहीं किया गया।परेशान किसान का कहना है कि, धान का भुगतान नहीं मिलने से मेरी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।

खुले बाजार में बेच दूंगा धान- पीड़ित किसान का कहना है कि उपार्जन केंद्र में शासन को बेचा गया धान वापस लौटा दिया जाए, ताकि इसे खुले बाजार में बेचकर किसान इससे प्राप्त राशि से अपनी जरूरतों की पूर्ति की जा सके। धान उपार्जन की राशि नहीं मिलने से उसे सारे काम रूक गए हैं। भुगतान के लिए वह कई दिनों से समिति, खाद्य आपूर्ति कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।

अधिकारी बता रहे तकनीकी समस्या- किसान ने बताया कि, धान का भुगतान नहीं होने के मामले में अधिकारियों द्वारा तकनीकी समस्या बताई जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया है।पीपरवानी समिति प्रबंधक द्वारा जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है।वहीं खाद्य आपूर्ति शाखा द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय को पत्र भेजकर धान का भुगतान नहीं होने की समस्या से अवगत कराया गया था।इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हो सका है।

इनका कहना है

तकनीकी समस्याओं के कारण किसान का भुगतान रूका हो सकता है।इसे दिखवाकर जल्द से जल्द भुगतान कराया जाएगा।किसान को बेचा गया धान लौटाना संभव नहीं है, समस्या का निराकरण जल्द कराया जाएगा।

डा. राहुल हरिदास फटिंग, कलेक्टर सिवनी

पीपरवानी के किसान का भुगतान 45 दिनों से किस कारण से रूका हुआ है, प्रकरण देखकर इस बारे में बताया जा सकेगा।यदि किसान का धान गोदाम में जमा हो चुका है, तो उसे लौटाना संभव नहीं होगा।भोपाल के अधिकारियों को भुगतान के संबंध में आ रही समस्याओं के संबंध में जानकारी दी जाती है।

शैलेष शर्मा, जिला आपूर्ति अधिकारी सिवनी

Posted By: Nai Dunia News Network

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