सिवनी। नईदुनिया प्रतिनिधि। Mogli bal utsav 2019 मोगली बाल उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार सुबह जंगल सफारी करने गए विद्यार्थी बाघ और बाघिन को देखकर रोमांचित हो गए और इस पल को उन्होंने कैमरे में कैद कर लिया। बघीरा समूह के छात्रों को काफी देर तक वनराज (बाघ) देखने को मिला। वहीं शावकों के साथ कॉलरवाली बाघिन और लगड़ी बाघिन को भी छात्रों ने देखा। विद्यार्थियों ने अन्य वन्यजीवों को भी निहारा और प्रकृति को करीब से जाना। इसके अलावा अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थी शामिल हुए।

शावकों संग दिखी कॉलरवाली व लंगड़ी बाघिन

जंगल सफारी के दौरान गुस्र्वार सुबह मलकुंडम क्षेत्र में पेंच की मशहूर कॉलरवाली बाघिन तीन शावकों के साथ छात्रों को दिखाई दी। जबकि अलीकट्टा क्षेत्र में लंगड़ी बाघिन अपने चार शावकों के साथ मोगली मित्रों को नजर आई। विदिशा की कीर्ति शर्मा ने बताया कि बाघिन को देखना हमारे लिए अनमोल क्षण था। सिंगरौली से आए छात्र अनुग्रह चतुर्वेदी ने बताया कि मित्रों के साथ वन्यजीव व बाघिन को देखना उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। सीधी की छात्र रेशु सिंह ने बताया कि जंगल की खूबसूरती और वन्यप्राणियों का विचरण काफी लुभावना और रोमांचकारी रहा।

प्रकृति को करीब से समझा

मोगली मित्रों ने हैबीटाइट सर्वे, नेचर ट्रेल, अखबार लेखन, ग्रुप डिस्कशन गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों को मोगली पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए मोगली छात्रों ने बताया कि मोगली उत्सव में शामिल होकर उन्हें प्रकृति को करीब से जानने का सुनहरा मौका मिला है। वे इस यादगार उत्सव को कभी नहीं भूल पाएंगे। वन्यप्राणी, पर्यावरण, जैव विविधता के बारे में जो जानकारी पेंच पहुंचकर उन्हें मिली है हैबीटाइट सर्वे के दौरान छात्रों को विभिन्न् पेड़ों, छालों, वन्यजीवों के पगमार्ग, जीवन शैली, वनस्पति की उपयोगिता, इस पर आश्रित जीवों, पशु पक्षियों के बारे में विस्तार से बताया गया।

Posted By: Hemant Upadhyay

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