सिवनी, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोर एरिया के गेट बंद होने के बाद पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर एरिया में सफारी करने पहुंच रहे पर्यटकों को लुभावने दृश्‍य देखने को मिल रहे हैं। शनिवार को नाइट सफारी पर गए पर्यटकों को तेलिया बाघिन के दो शावक अठखेलियां करते दिखाई दिए। खवासा बफर के गाइड व फोटोग्राफर नानेश्वर मेश्राम ने मौज-मस्ती करते शावकों का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया। खवासा के तेलिया क्षेत्र में नाइट सफारी करने गए करीब आठ जिप्सी वाहनों में सवार पर्यटकों ने दोनों शावकों को करीब से देखा। कच्ची सड़क से दूर हरियाली के बीच दोनों बाघ शावकों की मौज- मस्ती देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए।

करीब एक साल उम्र के शावक:

खवासा बफर की बाघिन (पीएन 109) जिसे पेंच राष्ट्रीय उद्यान के गाइड तेलिया बाघिन के नाम से जानते हैं। इस बाघिन के तीन शावक करीब एक साल उम्र के हो चुके हैं, जो सफारी के दौरान अक्सर पर्यटकों को नजर आते हैं। शनिवार की शाम पर्यटकों के दिखाई दिए दो शावकों के अठखेलियां करते वीडियों को पेंच टाइगर रिजर्व ने अपने फेसबुक पेज पर भी अपलोड किया है। अधिकारियों के मुताबिक पेंच टाइगर रिजर्व में शावकों को जन्म देने वाली 14 से 15 बाघिन मौजूद हैं। इसमें से कुछ बाघिन के साथ शावक हैं। लेकिन पर्यटन एरिया सीमित होने के कारण पर्यटक सभी बाघिन व उनके शावकों को नहीं देख पाते।

तीन गुना हो गए पर्यटक:

पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कोर के अलावा अब सैलानियों के बफर में सफर के प्रति रुझान बढ़ रहा है। बफर क्षेत्र में भी सैलानियों को दुर्लभ वन्यप्राणियों के दीदार नजदीक से हो रहे है। पिछले साल की तुलना में पर्यटकों की संख्या तीन गुनी बढ़ गई है। वर्ष 2020-21 में बफर क्षेत्र में 20799 पर्यटकों ने जंगल की सैर की थी, जबकि इस साल 2021-22 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 66458 हो गई है।खवासा गेट, तेलिया नेचर ट्रेल, घाटकोहका, रुखड़ व कुंभपानी आदि बफर क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में सैलानी बफर में सफर व नेचर ट्रेल का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। बफर में नेचर ट्रेल, नाइट सफारी, मचान में कैंपिंग, साइकिलिंग आदि गतिविधियां भी सैलानियों को आकर्षित कर रही है। बफर में सफर को बढ़ावा मिलने से ना केवल पार्क प्रबंधन की आय बढ़ रही है बल्कि बफर क्षेत्र में स्थित गांव के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

पार्क क्षेत्र में 80 बाघों की मौजूदगी:

खवासा और रूखड़ बफर में सबसे ज्यादा पर्यटक बफर जंगल की सैर करने पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान में इस समय शावक समेत करीब 80 बाघ है।वर्ष 2018 की गणना में पेंच राष्ट्रीय उद्यान में 56 वयस्क बाघ पाए गए थे। साथ ही 127 तेंदुए पाए गए थे।अब इनकी संख्या बढ़ गई है। यही कारण है कि सुबह व शाम की सफारी में जाने वाले अधिकांश सैलानियों को बाघ व तेंदुआ के करीब से दीदार हो रहे हैं।

Posted By: Jitendra Richhariya

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