सिवनी। पेंच नेशनल पार्क के गेट सैलानियों के लिए तीन माह बाद फिर खोल दिए गए हैं। दशहरा के दिन से गेट खोले जाने के बाद बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पार्क के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सफारी का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। गेट खुलने के पहले दिन पहुंचे पर्यटकों को पार्क के मध्यक्षेत्र में कॉलर वाली बाघिन अपने दो शावकों के साथ दिखाई दी। सितंबर के अंतिम पखवाड़े में हुई जोरदार बारिश से पेंच पार्क की सड़कें जिप्सियों के चलने लायक नहीं बची थीं। इसे देखते हुए 1 अक्टूबर के स्थान पर पार्क के गेट 8 अक्टूबर को खोलने का निर्णय पार्क प्रबंधन ने लिया था। हालांकि अब भी पार्क के सभी इलाकों में पर्यटक सफारी का लुत्फ उठाने नहीं जा पा रहे हैं। मिट्टी के कटाव के कारण पार्क के आधे हिस्से की सड़कें खराब हैं। फिलहाल पार्क प्रबंधन ने पार्क के आधे हिस्से को ही सफारी के लिए खोला है।

गुरुवार को नहीं हुए बाघ के दीदार

मंगलवार को पार्क के गेट खुलते ही पार्क का भ्रमण करने पहुंचे देशी विदेशी पर्यटकों को कॉलर वाली बाघिन के अलावा पाटदेव वाली बाघिन के दीदार हुए। कॉलरवाली व पाटदेव वाली बाघिन को करीब से देखकर पर्यटकों में उत्साह देखा गया। गुरुवार की सुबह सफारी पर गए पर्यटकों को बाघ के दीदार न होने से निराशा हाथ लगी। हालांकि पर्यटक अन्य वन्यप्राणियों व प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर उत्साहित हुए।

हर दिन जा रहीं 35 जिप्सियां

पेंच पार्क में हर दिन एक शिफ्ट में 30 से 35 जिप्सियों को प्रवेश दिया जा रहा है। सुबह व शाम की शिफ्ट में 350 से 400 पर्यटक पार्क की सफारी पर जा रहे हैं। अच्छी बारिश के कारण पेंच पार्क में चारों ओर हरियाली दिखाई दे रही है। कई इलाकों में प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक बढ़ गया है।

इनका कहना है

पार्क के गेट दशहरा के दिन से सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। पहले दिन कॉलरवाली व पाटदेव वाली बाघिन के दीदार पर्यटकों को हुए। फिलहाल पार्क के आधे हिस्से को ही खोला गया है।

-विक्रम सिंह परिहार, फील्ड डायरेक्टर पेंच नेशनल पार्क