सिवनी। इस साल भारी बारिश व बाढ़ आने से बालाघाट सिवनी संसदीय क्षेत्र अंतर्गत बालाघाट व सिवनी जिले के अनेक गरीब परिवारों के मकानों को जहां भारी क्षति पहुंची है। कुछ परिवारों के मकान बह भी गए है। कुछ परिवारों के मकान धाराशायी होने के कगार पर है। ऐसे पीड़ित परिवारों को नियम में संशोधन कर तत्काल आवास आवंटित करने का प्रावधान किया जाए ताकि उन्हें सिर छुपाने के लिए आशियाना मिल सके। यह मांग लोकसभा के मानसून सत्र में सांसद डॉ ढालसिंह बिसेन ने रखी है।

लोकसभा के मानसून सत्र में सांसद डॉ ढालसिंह बिसेन ने लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान इस साल हुई भारी बारिश की ओर खींचते हुए कहा कि पूरे देश व प्रदेश सहित संसदीय क्षेत्र बालाघाट अंतर्गत बालाघाट व सिवनी में भारी बारिश के चलते अनेक परिवार के मकान में 4-5 फुट पानी भरने से भारी क्षति पहुंची है। बाढ़ में अनेक मकान बह गए है या पूरी तरह गिर गए है। कुछ मकान भविष्य में धाराशायी होने की कगार पर है। भारी बरसात में मकान न होने की वजह से लोगों के रहने का संकट पैदा हो गया है। मकान न होने से लोग शासकीय स्कूलों, आगनवाड़ी केंद्रों में अस्थाई तौर से निवास कर रहे हैं।

सांसद डॉ ढालसिंह ने कहा कि शासन द्वारा राजस्व परिपत्र 6/4 के अनुसार पीड़ितों को मुआवजा या राहत राशि मिलेगी, लेकिन इस परिस्थिति में इन्हें अपना नया मकान बनाना अत्यंत कठिन हैं। वर्तमान में शासन द्वारा जिनके नाम गरीबी रेखा में है केवल उनको ही आवास देने का प्रावधान है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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