सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अपने अनूठे स्वाद, सुंगध के लिए मशहूर स्वादिष्ट व मुलायम जिले का उत्पादित जीराशंकर चावल अब फिलिप कार्ड व अमेजान के जरिए देश भर में आन लाइन खरीदा जा सकेगा। केंद्र सरकार के एक जिला-एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत जिले पारंपरिक रूप से होने वाली जीराशंकर चावल की पैदावार बढ़ाने व बेहतर बाजार उपलब्ध कराने आठ नए कृषक उत्पादक संगठन गठित किए गए है। इन सभी कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सुंगधित जीराशंकर धान की खेती व इससे तैयार चावल को बाजार में आम लोगों तक अच्छे दाम पर पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग के निर्देशन में कृषि विभाग के उपसंचालक मोरिस नाथ व विभागीय अधिकारियों ने जिले में सुगंधित जीराशंकर धान पैदावार बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए है। साथ ही सिवनी जिले में पारंपरागत रूप से उगाई जाने वाली जीराशंकर धान का जीआई टैग कराकर इसे पूरे देश में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

सिवनी जिले में उत्पादित सुगंधित मिठासयुक्त व मुलायम जीराशंकर चावल की पहचान पूरे मध्यप्रदेश में बीते कई सालों से बनी हुई है। इसकी सुगंध हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। जिले के लगभग 12000 हेक्टेयर रकबे में जीराशंकर धान लगाई जाती है। जिले में सभी 8 विकासखंडों में जीराशंकर धान बोई जाती है। बरघाट के कांचना, मोहगांव, मंडी, जेवनारा, ताखला व कुरई विकासखंड के गोडेगांव, सुकतरा, मोहगांव सड़क में विशेष तौर पर जीराशंकर धान की खेती की जाती है।

किसानों को अधिक लाभ दिलाने प्रत्येक ब्लाक स्तर पर जैविक जीराशंकर की खेती करने वाले किसानों के 8 नवीन एफपीओ गठित किए गए है, जो जीराशंकर चावल उत्पादित कर विक्रय करेंगे। इसके लिए समूहों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इनमें अन्ना्‌पूर्णा कृषक उत्पादन संगठन, बलराम कृषक उत्पादक संगठन, ओम माँ फार्मर प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड उत्पादक संगठन, गंगा जी कृषक उत्पादक संगठन, हीरामणी कृषक उत्पादक संगठन,बंधानी सीताफल कृषक उत्पादक संगठन, जीराशंकर कृषक उत्पादक संगठन, मोगली कृषक उत्पादक संगठन शामिल है।

जीराशंकर धान का जीआइ टेग करने सिवनी जीराशंकर सहकारी समिति बरघाट का पंजीयन किया गया है। भौगोलिक संकेत क्षेत्र (जीआई टैग) में जीराशंकर उत्पादन के गुणवत्ता के निरीक्षण व निगरानी हेतु जिले में कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय दल गठित किया गया है इसके अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा जीराशंकर धान का भौगोलिक संकेत क्षेत्र का पंजीयन कराने निर्देशक राष्ट्रीय पादप आनुंवशिक संसाधन ब्यूरो पूसा कैंपस नई दिल्ली को पत्र भेजा गया है।

जिले की सरेखा एग्री प्रोडियूसर कंपनी गंगेरूआ व पोनार फार्म प्रोडियूसर कंपनी पौनार (बरघाट) का पंजीयन किया गया है। पंजीकृत समिति द्वारा जीराशंकर के उत्पादन व वितरण नागपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों की संस्थाओं से संपर्क कर किया जाएगा। जिले के स्वसहायता समूहों व इसमें शामिल उन्ना्‌तशील किसानों द्वारा संस्थानों को जीराशंकर चावल का विक्रय किया जाएगा। साथ ही एफपीओ द्वारा डिजिटल प्लेट फार्म (जैसे अमेजोन, फिलिपकार्ड) के माध्यम से कान्हा व पेंच नेशनल पार्को के होटलों व रिसोर्ट तक पहुंचाया जाएगा। सेफ हार्वेस्ट आर्गेनिक कंपनी इंदौर द्वारा जिले में उत्पादित जीराशंकर चावल की टेस्टिंग कराई जा रही है, जिसके बाद कंपनी द्वारा बैंगलुरू, हैदराबाद व दिल्ली में भी जीराशंकर विक्रय का प्रयास किया जाएगा।

इनका कहना है

जिले के पारंपरिक रूप से उत्पादित जीराशंकर चावल की खेती को बढ़ावा देने व उसे बाजार उपलब्ध कराने 8 नए एफपीओ गठित किए गए है। एफपीओ में शामिल उत्पादक किसानों को बेहतर पैदावार व विक्रय के लिए बाजार उपलब्ध कराने जरूरी ट्रेनिंग दी जा रही है।

मोरिस नाथ उपसंचालक

कृषि कल्याण विभाग सिवनी

क्यों खास है जीराशंकर चावल

पारंपरिक चावल का अनूठा स्वाद, सुगंध व कोमलता

जीरा की तरह अत्यंत छोटे चावल

पका चावल मुलायम ठंडा होने के बाद चमकदार

अत्यधिक स्वादिष्ट व मुलायम चावल

उत्पादन बढ़ाने हो रही कोशिश

जिले में उत्पादन बढ़ाने 8 एफपीओ बनाए गए है।

जीराशंकर धान का जीआई टेग कराने सिवनी जीराशंकर उत्पादक संगठन का पंजीयन किया गया है।

स्व-सहायता समूह के जरिए बेचा जाएगा चावल

पेंच नेशनल पार्क व कान्हा नेशनल पार्क के होटलों व रिसोर्ट में जीराशंकर बिरयानी व खीर का विशेष डिश के तौर पर इसे प्रमोट किया जाएगा।

डिजीटल प्लेटफार्म अमेजान व फिलिपकार्ट के जरिए हो सकेगी आन खरीदी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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