सिवनी। नईदुनिया प्रतिनिधि

कृषि उपज मंडी में मक्के की आवक हो रही है। लेकिन नमीयुक्त मक्के के कम दाम मिलने से किसानों में नाराजगी है। इसी बात को लेकर मंगलवार को विवाद बढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने व्यापारियों व मंडी प्रशासन पर कम दाम पर मक्का खरीदने के आरोप लगाए हैं। जबकि व्यापारियों का कहना है कि बारिश के बाद भीगे हुए मक्के के ढेर ऊंचे दाम पर खरीदने का दबाव व्यापारियों पर क्षेत्र के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बनाया जा रहा है।

व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली गलौज कर कुछ तत्वों द्वारा उन्हें अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने मंडी दफ्तर पहुंचकर भी हंगामा किया। बाद में समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। सुबह बोली के दौरान उपज की गुणवत्ता के हिसाब से व्यापारी बोली लगा रहे थे लेकिन किसानों के साथ मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरु कर दिया। जिसके बाद बोली रोक दी गई।

1400 से 1800 तक बिक रहा मक्का- मंडी प्रशासन के मुताबिक प्रांगण में किसानों द्वारा लाए जा रहे मक्के की बोली 14 से 18 सौ रुपए तक व्यापारियों द्वारा लगाई जा रही है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद धूप नहीं खिलने से मक्के में नमी बरकरार है। मक्के की उपज में 25 से 30 फीसदी तक नमी निकल रही है। इस वजह से व्यापारी अच्छे दाम पर मक्का नहीं खरीद रहे हैं। वहीं दीपावली नजदीक होने के कारण खरीदी गई उपज को बाहर भेजने में भी व्यापारियों को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। 25 से 29 तक बंद रहेगी बोली-मंडी सचिव सुरेश परते ने बताया कि 24 अक्टूबर तक मंडी में बोली लगाई जाएगी। मंगलवार को हुए विवाद के बाद व्यापारियों और किसानों को समझाइश दे दी गई है। बुधवार को फिर से मंडी में उपज की बोली लगाकर खरीदी की जाएगी। जबकि 25 से 29 अक्टूबर तक दीपावली पर्व के चलते मंडी बंद रहेगी। मंडी में करीब 10 हजार क्विंटल मक्का मौजूद है। वहीं किसान हर दिन उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।

व्यापारियों ने जताया विरोध-मंडी के व्यापारियों का कहना है कि मक्का प्लांट में 12 से 14 प्रतिशत नमी का मक्का ही खरीदा जाता है जबकि किसानों के मक्के में 20 व उससे ज्यादा प्रतिशत में नमी मिल रही है। ऐसे में नमीयुक्त गीला मक्का व्यापारी नहीं खरीद सकते हैं। मंडी के असुरक्षित वातावरण में बोली लगाने में व्यापारी हिचकिचा रहे हैं। व्यापारियों ने मंडी प्रशासन को ऐसे वातावरण में बोली लगाने पर असमर्थता जाहिर करते हुए पत्र भेज दिया है।

अच्छे दाम पर अड़े किसान-इधर किसान उपज की अच्छे दाम पर बोली लगाने की बात पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि खून पसीना बहाकर तैयार की गई मक्के की फसल को कम दाम पर खरीदा जा रहा है। वहीं मंडी में उपज को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतेजाम नहीं हैं। खुले आसमान के नीचे किसानों को रात बिताकर मक्के की रखवाली करनी पड़ती है। रात में ओस से मक्के में नमी आ रही है। बेमौसम हुई बारिश के कारण भी मक्के की फसल प्रभावित हुई है।

Posted By: Nai Dunia News Network