सिवनी। नईदुनिया प्रतिनिधि

रबी फसल की सिंचाई व किसानों की जरुरत को देखते हुए भीमगढ़ बांध की नहरों से पूरी रफ्तार में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध की एलबीसी और आरबीसी नहरों से 1400 क्यूसिक पानी चौबीसों घंटे छोड़ा जा रहा है।

पिछले एक सप्ताह से बांध की नहरों में पानी की रफ्तार बढ़ाई गई है ताकि किसानों को रबी फसलों के लिए पलेवा का पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। पूरी रफ्तार से नहरें चलने के कारण कई जगहों पर ओवर फ्लो के हालात भी बन रहे हैं हालांकि नहरों की देखरेख में लगे कर्मचारी इसमें मिट्टी डालकर नहरों के पानी को ओवर फ्लो होने से रोक रहे हैं। भीमगढ़ बांध के एसडीओ यूबी मर्सकोले ने बताया कि बांध का लेबल 518.80 पर स्थिर है। किसानों की डिमांड को देखते हुए नहरों में पूरी रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। आरबीसी नहर 1000 क्यूसिक और एलबीसी नहर में 400 क्यूसिक पानी जा रहा है।

क्षतिग्रस्त नहरों से बर्बाद हो रहा पानी - सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भीमगढ़ बांध की एलबीसी और आरबीसी मुख्य नहर की लंबाई करीब डेढ़ सौ किमी है। इसके अलावा डिस्टीब्युटरी और माइनर नहरों का जाल भी केवलारी, छपारा, पलारी, धनौरा क्षेत्र में बिछा हुआ है। करीब 5 से 10 परसेंट नहरें में ही लाइनिंग (कांक्रीटीकृत) है। इन नहरों से बांध का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचता है। मिट्टी व मुरम से बनी नहरों के कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी वेस्टेज भी हो रहा है।

बालाघाट तक पहुंच रहा पानी - बांध से सिवनी के साथ ही पड़ोसी बालाघाट जिले के किसानों को सिंचाई का पानी दिया जा रहा है। इस साल बांध से करीब 60 हजार हे. रकबे की जमीन को सिंचाई का पानी देने का लक्ष्य रखा है। बांध का 20 प्रतिशत पानी बालाघाट व 80 प्रतिशत पानी सिवनी के किसानों को दिया जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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