सिवनी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर सिवनी की शाखा डी-4 का पानी खामखरेली डेम में न डालने व बजरवाड़ा माइनर की वनभूमि का अधिकरण कर नहर निर्माण करने की मांग का ज्ञापन कलेक्टर व विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया है।

सौपे गए ज्ञापन में क्षेत्र के किसान अखिलेश राय, प्रवेश राय, लखनसिंह डहेरिया समेत अन्य किसानों व ग्रामीणों ने बताया है कि पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर की डी-4 शाखा नहर जो कलारबांकी ओर बजरवाड़ा क्षेत्र की 5 हजार हेक्टर भूमि को सिंचित कर रही है, इस डी 4 शाखा को अधिकारी कर्मचारी व ठेकेदार की मनमानी से अचानक ही बीच रास्ते में पड़ने वाले खामखरेली डेम में पूरी शाखा का पानी डाला जा रहा है। इससे खामखरेली डेम के टूटने की संभावना हैं। खमखरेली डेम पहले भी 7 वर्षों में दो बार फूट चूका है और 22-23 जगह से बहुत ज्यादा सीपेज होते रहता है। खामखरैली डेम में पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर की डी-4 शाखा का पानी डालने के बाद उसे 7 मीटर (21फिट) भरा जाएगा इसके बाद ओवरफलो होकर वह पानी बिना फोर्स के आगे बढ़ना मुश्किल है। ऐसा हुआ तो आगे के गांवों की 5 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई से वंचित रह जाएगी।

ज्ञापन में बताया गया है कि डी 4 शाखा की बजरवाड़ा माइनर नहर में 5 हेक्टेयर से कम वनभूमि आ रही है। इसकी केंद्र सरकार व राज्य सरकार की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग नहर की खुदाई कार्य नहीं करने दे रहा हैं। चौरई से सिवनी आने वाली डी-4 शाखा सीधे कलारबाकी व बजरवाड़ा क्षेत्र में पहुंचाए जाने व डी-4 नहर का निमार्ण कार्य पुराने सर्वे से करने, बजरवाड़ा नहर की वनभूमि को शीघ्र अनुमति कर नहर निर्माण कार्य कराए जाने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि अगामी 15 अगस्त तक नहर निर्माण का कार्य तीव्र गति से चालू नहीं किया जाता तो किसानों द्वारा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन, सिंचाई विभाग की होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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