अरी (नईदुनिया न्यूज)। अरी विद्युत वितरण केंद्र में उपयंत्री नरेंद्र जैन की कार्यप्रणाली से क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उपयंत्री की लचर व्यवस्था लोगों के लिए मुसीबत वह परेशानी का कारण बन रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि आए दिन लाइट गुल होना आम बात हो गई है। दिन में कम से कम 50 से अधिक बार बिजली का आना जाना लगा रहता है। बिना पूर्व सूचना के कभी पूरे दिन तो कभी पूरी रात लाइट बंद कर दी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया है कि उपयंत्री ने अपना मुख्यालय सिवनी बनाया हुआ है। कहां कब क्या हो रहा है, उन्हें इसकी कोई जानकारी में नहीं रहती है।वहीं बिजली विभाग के अन्य कर्मचारी ग्रामीणों के फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते हैं। हल्की बरसात में भी लाइट हुल होना आम बात है।

ग्रामीणों ने बताया है कि हर दिन कहीं ना कहीं के जंफर खराब होते रहते हैं। इस मामले में उपयंत्री ने बताया है कि विद्युत वितरण केंद्र में 13 शासकीय कर्मचारी पदस्थ हैं। कंपनी के ठेकेदारों के 20 से 21 युवक काम कर रहे हैं। यहां पर पदस्थ कई लाइनमेंन, हेल्पर ना वहां खंबे पर चढ़ सकते हैं, न ही लाइन सुधार सकते हैं। यदि किसी के घर की लाइट बंद हो जाए तो शिकायत करने के बावजूद भी दो से तीन दिन लाइट नहीं सुधारी जाती है। मजबूर होकर उन्हें इन्हीं विद्युत वितरण केंद्र में काम कर रहे युवकों को अलग से रुपये देकर लाइट सुधरवानी पड़ती है।

ड्यूटी के दौरान लगा करंट

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उपयंत्री नरेंद्र जैन की लापरवाही से एक हफ्ते के अंदर अरी में दो घटनाएं घट चुकी हैं। जुम्मा टोला अरी में लोहे के खंभे में करंट लगने से अरी निवासी हेमंत साहू की गाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं उसके दो दिन बाद ही नाइट ड्यूटी पर मौजूद काठी निवासी मनीष हरिनखेड़े भी लचर लाइन व्यवस्था के कारण करंट लगने से बुरी तरह झुलस गए। काठी के हनीफ भाई, मूलचंद पटले ने तुरंत घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इधर उपयंत्री का कहना है कि घायल की स्थिति खतरे से बाहर है। हमने कुछ चंदा इकट्ठा कर उसकी मदद की है और कंपनी के सुपरवाइजर मस्तराम को उसकी मदद करने के लिए कहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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