सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्य लोगो मे इस बात के प्रति जागरूकता को बढ़ाना कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध कोलस्ट्रम बच्चे का एक टीकाकरण का कार्य करता है। स्तनपान बच्चे के समुन्नात जीवन का आधार है।स्वस्थ जीवन के लिए रूरी पोषण प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। स्तनपान बच्चे के समुन्नात जीवन का आधार है।यह जानकारी जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में विश्व स्तनपान संबंधी कार्यशाला में दी गई।कार्यक्रम में उपस्थित महिला डाक्टर मनीषा सिरसाम ने बच्चे के लिए स्तनपान के लाभ के बारे में बताया कि मां का दूध बच्चे के लिए सबसे अधिक प्राकृतिक, सुरक्षित व पौष्टिक आहार है। यह अमृत समान होता है। साथ ही इसमें रोग प्रतिरोधक शक्ति होती है। दूध में ऐसे तत्व होते है जो बच्चे को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते है। मां का दूध आसानी से पचता है। मां का दूध पीने से बच्चे के जबड़े व दातों का विकास अच्छे से होता है। साथ ही मां और बच्चे में एक दूसरे के लिए गहरा लगाव और प्रेम पैदा होता है। बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ व बुद्धिशाली बनता है। महिला डाक्टर चेतना वांद्रे ने स्तनपान से मां को होने वाले लाभ के बारे में बताया कि स्तनपान कराने से प्रसव के बाद बहने वाले खून में कमी आती है।इसमें गर्भाशय अपनी पुरानी स्थिति में आने लगता है। यह मां के शरीर को शुडोल बनाने में मदद करता है। मां के स्वास्थ्य का संरक्षण करता है। जन्म के तुरंत बाद शीघ्र और अधिक बार स्तनपान कराने से स्तनों में अतिपूरण की समस्या नहीं होती है। स्तनपान मां को स्तन कैंसर व बच्चेदानी के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। चूंकि इसमें गर्भ निरोधक प्रभाव होता है इसलिए दोबारा गर्भधारण देरी में यह सहायक है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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