सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आगामी वर्षों में बढ़ती आबादी को देखते हुए साल 2035 के लिए सिवनी विकास प्लान तैयार किया गया है। शहर विकास के लिए तैयार प्रारूप में कई तरह से कमियां देखने को मिल रही है। इस पर जागरूक नागरिकों द्वारा आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। बढ़ते यातायात को कम करने के लिए आवश्यक सड़क, पार्किंग व अन्य सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया है। नगर व ग्राम निवेश विभाग द्वारा करीब 8698 हेक्टेयर में शहर को विकसित करने प्लान तैयार किया है। आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक, परिवहन व अन्य उपयोग के लिए भूमि आरक्षित की गई है।

यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की जरूरतः यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने सड़कों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है। ना ही शहर के सघन आबादी वाले क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था बनाने प्लान तैयार किया गया है। कटंगी रोड़ व बरघाट रोड़ के बीच रेलवे रैक पाईंट बनाया जा रहा है। लेकिन इस मार्ग पर बढने वाले यातायात के दबाव को डायवर्ड करने के लिए कोई सड़क प्रारूप में शामिल नही की गई है। बडी रेल लाईन के प्लेटफार्म से रैक पाईंट को जोड़ने के लिए नागपुर, कटंगी व बरघाट रोड़ के बीच एक रिंग रोड़ होना बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में बढने वाले वाहनो के ट्रॉफिक को डायवर्ड कर आम लोगों को होने वाली परेशानी से बचाया जा सकें। जागरूक नागरिकों का कहना है कि गंज वार्ड रेलवे स्टेशन से होते हुए कटंगी रोड़, रैक पाईंट व बरघाट रोड़ तक करीब 50 मीटर तक नई रोड़ प्लान में प्रस्तावित की जानी चाहिए।

चिन्हित नही किए पार्किंग स्थलः विकास प्लान में सिवनी शहर के मुख्य स्थानों पर कोई पार्किंग स्थल प्रस्तावित नही किए गए है। बुधवारी बाजार सब्जी मंडी, शमशान घाट, भैरोगंज, बारापत्थर मार्किट, छिंदवाड़ा चौक इत्यादि स्थानों पर पार्किंग की अत्याधिक समस्या बनी रहती है। इन स्थानों पर पार्किंग स्थल विकसित करने की जरूरत है। पिछले विकास प्रारूप 2021 में खैरी टेक से मरझोर-भैरोगंज होते हुए एमआर 1 सड़क प्रस्तावित की गई थी। हालांकि अब तक प्लान में शामिल की गई सड़क पर काम शुरू नही हो सका है। इस सड़क को संशोधित करते हुए सड़क में छिन्दवाड़ा रोड़, मंगलीपेठ, बुधवारी तालाब, हडडी गोदाम व भैरोगंज की सड़को को जोड़ा जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को आवागमन की सुविधा मिल सकें। नये प्लान में एमआर रोड़ को कटंगी रोड़ स्थित मोक्षधाम के उपर से प्रस्तावित किया गया है जो उचित नही है।

ढाई लाख आबादी का प्रारूपरु नगर का बहुआयामी विकास करने 2035 तक ढाई लाख आबादी को ध्यान में रखकर प्रारूप तैयार किया गया है। केंद्र सरकार की अमृत योजना की उपयोजना के तहत शहर विकास में सुदूर संवेदन तकनीक व भौगोलिक सूचना प्रणाली तथा अमृत मानकों का उपयोग किया गया है। प्रारूप में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक व अर्द्ध सार्वजनिक, आमोद-प्रमोद, परिवहन व नगरीय अधोसंरचना के उन्ना्‌यन के प्रस्ताव दिए गए हैं। 8698.06 हेक्टेयर जमीन प्रारूप में शहर विकास के लिए निर्धारित की गई है। इसमें 3932.78 हेक्टेयर जमीन वर्तमान में विभिन्ना्‌ उपयोग में ली जा रही है। आवासीय क्षेत्र में 1902.41 हेक्टेयर, वाणिज्यिक क्षेत्र में 41.76 हेक्टेयर, मिश्रित उपयोग में 265.10 हेक्टेयर, औद्योगिक क्षेत्र में 261.34 हेक्टेयर, सार्वजनिक व अर्द्ध सार्वजनिक क्षेत्र में 416.67 हेक्टेयर, विभिनन सेवाओं में 24.10 हेक्टेयर, पार्क गार्डन में 506.75 हेक्टेयर, यातायात व परिवहन के लिए 514.65 हेक्टेयर जमीन का उपयोग किया जा रहा है।

विभागों ने मिलकर तैयार किया प्रारूपः नगर पालिका, लोक निर्माण, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, पीएचई व अन्य विभागों ने मिलकर विकास प्रारूप को तैयार किया है। छिंदवाड़ा नगर व ग्राम निवेश के सहायक संचालक ने विकास प्रारूप पर मप्र नगर तथा गाम निदेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत जनसामान्य व संस्थाओं से आपत्ति, सुझाव 13 मार्च तक मांगे हैं। विकास प्रारूप की प्रति संचालनालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा जबलपुर संभागीय कार्यालय, कलेक्टर, नगर पालिका परिषद, आंबेडकर भवन में मानचित्र प्रदर्शित किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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