श्याम सोनी सिवनी

मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बाघ अहम किरदार निभा सकते है। वर्ष 2019 में भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा जारी परिणाम में मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था। इस बार हुई बाघों की गणना में पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कोर के साथ बफर क्षेत्र की हर बीट में बाघों के होने के संकेत मिले हैं। इससे पेंच में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना है। पिछली गणना में पेंच में 65 बाघ होने पाए गए थे।

अगले माह घोषित हो सकते है परिणामः देहरादून वन्य जीव संस्थान द्वारा इस साल सितंबर अक्टूबर में बाघों की गणना के परिणाम घोषित किए जा सकते है। इसमें पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बाघों समेत प्रदेश की 1858 बीटों के बाघ प्रदेश को एक बार फिर टाइगर स्टेट का दर्जा दिल सकते हैं। पिछली गणना में मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था जो इस बार भी बरकरार रह सकता है।

हर बार बढ़ रही बाघों की संख्याः पेंच टाईगर रिजर्व में हो रही गणना में हर बार बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है। दिसंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच पार्क में बाघों की गणना कराई गई थी। साल 2014 में डब्ल्यूआईआई देहरादून की गणना में पार्क में 44 बाघ कैमरा ट्रेप में मिले थे। दो साल बाद एसएफआरआई जबलपुर से की गई गणना में पार्क में 50 बाघ कैमरा ट्रेप में मिले हैं। कैमरा ट्रेप के अलावा अन्य तरीकों से हुई गणना में पेंच पार्क में 53 से ज्यादा बाघ होना बताया गया था। वहीं वर्ष 2019 में की गई गणना में 65 बाघ होना पाए गए थे। इस साल जनवरी माह माह में की गई गणना में करीब 80 बाघ होने के संकेत मिले है। वहीं अवयस्क बाघों को मिला कर संख्या एक सौ के पार हो सकती है। हालांकि गणना में ढाई साल या उससे कम उम्र के बाघ शावकों को शामिल नहीं किया जाता है।

पेंच की सभी बीटों में मिले बाघ के साक्ष्यः पेंच राष्ट्रीय उद्यान में इस साल 5 से 7 जनवरी तक मांसाहारी वन्य प्रणियों की गणना का हुआ।गणना में इस बार काफी सुखद परिणाम आने की संभावना है।पेंच राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर अशोक कुमार मिश्रा ने बताया है कि पार्क की सभी 109 बीटों में बाघ के होने के साक्ष्य मिले है।वहीं करीब 104 बीटों में तेंदुआ होने के साक्ष्य मिले है।जानकारी के अनुसार पिछली गणना में यहां 65 बाघ पाए गए थे।इस बार हुई गणना में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

कालर वाली बाघिन ने बढ़ाया बाघ का कुनबाः पेंच राष्ट्रीय उद्यान में सितंबर 2005 में 4 शावकों के साथ जन्मी कालर वाली बाघिन ने पेंच में बाघों का कुनबा बढ़ाने में अहम योगदान दिया।मई 2008 से दिंसबर 2018 के बीच 11 साल में बाघिन ने आठ बार में 29 शावकों को जन्म देकर सबसे ज्यादा शावकों को जन्म देने का विश्व कीर्तिमान बनाया।इसके कारण कालरवाली बाघिन पेंच की सुपरमाम के नाम से पर्यटकों में प्रसिद्ध हो गई। उसके नाम एक साथ 5 शावकों को जन्म देने का भी रिकार्ड भी दर्ज है।पेंच की सुपरमाम भले ही अब दुनिया में नहीं है लेकिन इस बाघिन के कारण ही पेंच में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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