Seoni News : सिवनी (नई दुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 13 वीं किश्त की राशि का वितरण फरवरी के प्रथम सप्ताह में होना संभावित है। इसके लिए सभी पात्र हितग्राहियों को ई-केवायसी और एनपीसीआई के निर्देशों के अनुसरण में अपनी संबंधित बैंक के खाता नंबर में आधार नंबर लिंक कराया जाना आवश्यक है, ताकि शासन व्दारा किसान सम्मान निधि की राशि उनके आधार लिंक्ड बैंक खाते में आनलाइन जमा कराई जा सके। जिले में अब भी 20437 हितग्राहियों ने ई-केवायसी नहीं कराया है और 25613 हितग्राही ऐसे हैं, जिनका संबंधित बैंक के खाता में आधार नंबर अपडेट नहीं कराया है।

इन हितग्राहियों के द्वारा ई-केवायसी और एनपीसीआई के निर्देशों के अनुसरण में अपनी संबंधित बैंक के खाता नंबर में आधार नंबर लिंक नहीं कराए जाने पर इन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना व मुख्यनमंत्री किसान कल्याण योजना की आगामी किश्तों की राशि का लाभ प्राप्त नहीं होगा। ऐसे सभी हितग्राही जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्रता रखते हैं उन सभी अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर अपना बैंक खाता को भी आधार नंबर से अनिवार्य रूप से लिंक करा सकते हैं। चूंकि अब से इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत शासन द्वारा संबंधित हितग्राही के आधार से लिंक बैंक खाता में ही राशि डाली जाएगी। यदि हितग्राही का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होगा तो उसे इन योजनाओं की आगामी किश्त की राशि नहीं मिल पाएगी। ई-केवायसी कराने से लंबित रहे हितग्राहियों की सूची ग्रामवार व व्यक्तिवार संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी के पास भी उपलब्ध है। इनसे संपर्क कर जानकारी ली जा सकती है। साथ ही साथ संबंधित ग्राम के पटवारी से संपर्क करके भी ई-केवायसी कराया जा सकता है।

किसान आनलाइन दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति

सिवनी। किसानों द्वारा रबी मौसम में बोयी गई फसलों की गिरदावरी 20 जनवरी तक पूर्ण की जानी थी, जिसकी समयावधि समाप्त हो चुकी है। अब भी गिरदावरी से शेष रहे किसान, उनके द्वारा बोयी गई फसल की जानकारी ण्मपी किसान एप के माध्यम से देख सकते हैं और यदि बोयी गई फसल और गिरदावरी के दौरान दर्ज की गई फसल में कोई विसंगति या गलत फसल दर्ज होना प्रदर्शित होती हैं तो ऐसे सभी किसान 28 जनवरी तक फसल विसंगति या त्रुटि के संबंध में अपना दावा-आपत्ति आनलाईन दर्ज करा सकते हैं। इसका निराकरण संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार द्वारा 31 जनवरी तक किया जाएगा। उसके बाद गिरदावरी का पोर्टल फसल गिरदावरी व आपत्तियों के निराकरण के लिए शासन स्तर से बंद कर दिया जाएगा। 28 जनवरी के बाद गिरदावरी में दर्ज फसलों की भिन्नाता के संबंध में दावा, आपत्ति करने के लिए शासन स्तर से अतिरिक्त समय प्रदान नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jitendra Richhariya

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