World AIDS Day 2020 सिवनी(नईदुनिया प्रतिनिधि)। एड्स जैसी जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए कई कार्यक्रम व अभियान चलाए जा रहे हैं, इसके बाद भी जागरूकता का आभाव व लापरवाही भारी पड़ रही रही है। हर साल करीब औसतन 200 एड्स के मरीज मिल रहे है। हालात यह है कि एड्स बीमारी के बढ़ते मामलों में सिवनी जिला प्रदेश के टॉप टेन शहरों में शामिल है।

जिले में 1577 मरीज

जिले में वर्तमान में एड्स के 1577 मिरीज हैं। वर्ष 2005 से अब तक जिले में 214199 लोगों के एचआइवी टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 1577 महिला- पुरुष एचआइवी पॉजिटिव पाए गए हैं। एड्स से अब तक कितनी मौंते हुई हैं, यह विभाग ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। हर साल एड्स के मरीज बढ़ रहे हैं। प्रदेश के अन्य जिलों की बात करें तो टेस्ट के आधार पर ज्यादा मरीज मिलने के मामले में पहले नंबर पर इंदौर है। दूसरे नंबर पर बुरहानपुर, तीसरे नंबर में बड़बानी, चौथे नंबर में जबलपुर, पांचवे नंबर में मंडला, छटवे नंबर में मंदसौर, सातवे नंबर में भोपाल, आठवे नंबर में उज्जैैन, नौवे नंबर में रतलाम व दसवेंं नंबर में सिवनी जिला शामिल है।

बच्चे भी हो रहे पॉज‍िट‍िव

पिछले तीन साल के आंंकड़ों पर नजर डाले तो हर साल लगभग 150 से अधिक नए मरीज सामने आ रहे है। 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक की अवधि में कुल 177 मरीज रजिस्टर्ड हुए थ। इनमें 96 पुरुष 65 महिलाएं व 15 बच्चे शामिल हैंं। इसी तरह इसके अगलेे साल 31 मार्च 2020 तक कुल 179 मरीज रजिस्टर्ड हुए है। इसमें 85 पुरूष 82 महिलाएं और 12 बच्चें शामिल है। 30 नवंबर 2020 तक कुल 77 मरीज रजिस्ट्रर हुए हैं। इसमें 38 पुरुष 36 महिलाएं व 3 बच्चे शामिल हैंं।

इन कारणों से फैलता है एचआइवी

असुरक्षित यौन संपर्क करने से, किसी एचआइवी ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को एचआइवी वायरस फैलने का खतरा होता है। संक्रमित रक्त से या कोई व्यक्ति बीमार या दुर्घटनाग्रस्त है और इलाज के दौरान उसे रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच करना चाहिए। यदि एचआइवी संक्रमित रक्त उस व्यक्ति को चढ़ाया जाता है तो उसे भी एचआइवी एड्स का संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा संक्रमित सुई व सिरिंज से यदि एचआइवी संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई तो अन्य व्यक्ति इसका इस्तेमाल करता है तो उसे भी एचआइवी संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए हमेशा व्यक्ति को डिस्पोजेबल सुई व सीरिंज का ही उपयोग किया जाना चाहिए। एचआइवी संक्रमित गर्भवती महिला से उसके होने वाले शिशु में भी एचआइवी संक्रमण का खतरा रहता है।

ऐसे बच सकते हैं इस जानलेवा बीमारी से

एचआइबी एड्स बचाव के लिए असुरक्षित यौन संपर्क से बचना चाहिए। रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपूर्ण जांच अवश्य करना चाहिए। हमेशा डिस्पोजेबल सुई व सीरिंज का उपयोग करना चाहिए। शासन द्वारा एचआइवी परामर्श व जांच केंद्रों पर एचआइवी ग्रसित व्यक्ति उचित सलाह व जांच करना चाहिए।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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