शहडोल (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले में सोमवार को भी सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा है। दोपहर से मौसम खुला और तेज धूप भी खिली, लेकिन शीतलहर के कारण गलन वाली ठंडक से लोग कांपते रहे। पिछले एक सप्ताह से इसी तरह की स्थिति है, लेकिन सोमवार को कोहरा घना था। इसके कारण लोगों का काम -काज देर से शुरू हुआ। बाजार देरी से खुले तो वहीं दफ्तरों में भी कर्मचारी देरी से पहुंचे। दोपहर एक बजे के बाद धूप निकल आई जिससे लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली।वहीं मौसम साफ होने से किसानों को भी राहत मिली,हालांकि खतरा अभी टला नहीं हैं।कोहरा और बादल लगातार रहने से दहलनी फसलों को नुकसान हो सकता है।कृषि विशेषज्ञों का दावा है कि धूप निकलने से फसलों को अब नुकसान नहीं है। अब तक किसी फसल को नुकसान की बात सामने नहीं आ रही है।कृषि उपसंचालक आरपी झारिया का कहना है की विभागीय अमला फसलों पर नजर रखे है और किसानों के संपर्क में है। अभी तक दलहनी फसलों को मामूली असर हुआ है, लेकिन धूप खिलने से सब ठीक हो जाएगा।

इस तरह से बदला मौसम का मिजाज

तारीख- तापमान

17 जनवरी 9.0 डिग्री

16 जनवरी 9.5 डिग्री

15 जनवरी 9.7 डिग्री

14 जनवरी 8.7 डिग्री

13 जनवरी 12.0 डिग्री

12 जनवरी 13.0 डिग्री

(मौसम विभाग से मिली जानकारी के आधार पर)

पिछले इस समय नहीं हुई थी बारिश

पिछले साल इस मौसम में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन सर्दी ऐसी ही पड़ रही थी। इस बार आठ जनवरी से जमकर बारिश हुई,लेकिन 12 जनवरी के बाद से बारिश का दौर थम गया। पिछले साल एक जून से 12 जनवरी तक जिले में 985 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस साल एक जून से 12 जनवरी तक 1031 मिलीमीटर औसत बारिश हुई है। इस साल 2022 में नौ जनवरी को 9.7 मिलीमीटर,10 जनवरी को 14.1 मिलीमीटर, 11 जनवरी को 6.9 मिलीमीटर और 12 जनवरी को जिले में 0.3 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई जबकि पिछले साल इन तारीखों में बारिश नहीं हुई थी।

भीषण ठंड में नहीं जल रहे अलाव

ऐसी भीषण सर्दी में भी बकहो नगर पंचायत में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। यहां पर सोमवार को सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई। लोगों ने दिन भर आग का सहारा लिया लेकिन बकहो नगर पंचायत की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोग परेशान हैं। वहीं शहडोल शहर में भी अलाव कम जल रहे हैं। गांधी चौक में भी अलाव के लिए लोग तरस रहे हैं।

ऐसे में बच्चों को ज्यादा खतरा

शिशु रोग विशेषज्ञ डा. मनीष सिंह बताया कि इस मौसम में बच्चों को निमोनिया जैसी बीमारी होने का ज्यादा खतरा है। इसके लिए डाक्टरों की सलाह ले और अपने बच्चों को सर्दी से बचाकर रखें। उनको पूरे कपड़े पहनाकर रखें और ठंडी चीजें न खाने दें। रात के समय दूध गरम कर उसमें हल्दी मिलाकर पिलाएं, इससे उनको सर्दी से राहत मिलेगी। इसके साथ ही सिर से लेकर पैर तक गर्म कपड़ों से ढककर रखें, ताकि उनको किसी भी तरह से सर्दी का असर न हो।

कृषि वैज्ञानिक बोले अब सब ठीकः सोमवार को दोपहर एक बजे से अच्छी धूप निकली जिसके बाद अब कृषि वैज्ञानिकों को लगने लगा है कि फसलों को किसी तरह से नुकसान नहीं है। कृषि वैज्ञानिक डा.मृगेंद्र सिंह का कहना है कि किसान चिंता न करें पाला जैसी स्थिति कहीं नहीं है और यदि इस तरह की स्थिति बनती है तो खेत की मेड़ पर धुंआ करें। इसके साथ ही कुछ जरूरी रसायनिक दवाओं का छिड़काव करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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