शहडोल।

पुलिस जोन का मुख्यालय शहडोल अब बड़े शहरों की तर्ज पर नशाखोरी का अड्डा बनता जा रहा है। सबसे ज्यादा युवा वर्ग इसकी चपेट में है। शहडोल शहर में अफीम, चरस, स्मैक, गांजा, ड्रग्स, नशीले इंजेक्शन और टैबलेट समेत अन्य माध्यमों से नशा किया जा रहा है। नशे के मंहगे माध्यमों के लिए बड़ा नेटवर्क शहर में पांव पसार रहा है। जो भारी मात्रा में नशे की खेप शहडोल पहुंचा रहा है।

शहडोल में पुलिस का तंत्र कमजोर हो गया है। इस कारण नशा माफिया सक्रिय होकर इस अवैध कारोबार में तेजी पकड़ रहे हैं। कोतवाली और सोहागपुर पुलिस कभी कभार नशे के खिलाफ कार्रवाई करत नजर आती है लेकिन अभी तक सरगना तक पहुंच पाने में पुलिस नाकाम रही है। वहीं दूसरी ओर एसपी अनिल सिंह कुशवाह नशे के सख्त खिलाफ देखे जा रहे हैं। उन्होंने प्रयास करके कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से नशीली दवाइयों के खिलाफ धारा 144/2 भी लागू करवा दिया। इसके बाद भी कोतवाली और सोहागपुर पुलिस का खूफिया तंत्र नशा माफियाओं के आगे फेल हो जाता है।

शहर के ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावितः संभागीय मुख्यालय शहडोल में सबसे ज्यादा नशे का अवैध कारोबार पुरानी बस्ती और सोहागपुर गढ़ी में देखने को मिल रहा है।

इसके बाद कोनी तिराहा, भूंसा तिराहा, बाणगंगा बाइपास क्षेत्र, पटेल नगर, शिवम कॉलोनी, न्यू बस स्टैंड, कुदरी रोड, जमुआ, अंडरब्रिज, पुट्टीबाड़ा, दरभंगा चौक, कल्याणपुर समेत अन्य इलाकों में नशे का सामान आसानी से मिल जाता है।

ऑर्डर मिलते ही होती है डिलेवरीः शहर में नशे का कारोबार हाईटेक तरीके से हो रहा है। नशे के कारोबार में लिप्त युवा शहर के युवा गली-चौराहों से ही अपने अवैध कारोबार को चलाते हैं। ये अपने साथ बाइक में ही नशे का सामान अपने साथ रखते हैं। ग्राहक का ऑर्डर आते ही उसके स्थान पर नशे की पुड़िया पहुंचा दी जाती है। नशे का कारोबार करने वाले युवा इस दौरान उन्हीं को सामान देते हैं जो उनके विश्वास पात्र होते हैं। वे अपने साथ बाइक में सिर्फ उतना ही सामान रखकर चलते हैं जितने का उन्हें ऑर्डर मिलता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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